नई दिल्ली । लोकसभा (Lok Sabha)में वक्फ बिल (Wakf Bill)पर देर रात तक चर्चा होती रही। इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah)और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव(akhilesh yadav) के बीच गजब की जुगलबंदी देखने को मिली। दो घंटे के अंदर दो बार ऐसा मौका आया जब अखिलेश यादव की बोलती अमित शाह ने हंसते मुस्कुराते हुए बंद करा दी। पहली बार अखिलेश भाषण दे रहे थे और अमित शाह को उठना पड़ा। दूसरी बार अमित शाह भाषण दे रहे थे और अखिलेश यादव ने योगी पर कुछ बोलने के लिए कह दिया। इस पर बिना देरी किए अमित शाह ने कह दिया कि वह भी यूपी में रिपीट कर रहे हैं। हर सुनते ही अखिलेश यादव के खेमे में सन्नाटा छा गया और भाजपा सांसद अपनी मेजें थपथपाते हुए खिलखिलाकर हंस पड़े। अमित शाह भी अपनी हंसी नहीं रोक सके।
दरअसल अमित शाह वक्फ संशोधन बिल पर बोलते समय जब केरल हाईकोर्ट के एक फैसले को पढ़ रहे थे तो दक्षिण भारत से आने वाले कुछ सांसद बार-बार टोक रहे थे। इस पर अमित शाह ने कह दिया कि यह 26 का टेंशन है। वहां चुनाव आ रहा है न। इसी के बाद जब पश्चिम बंगाल के एक सदस्य ने टोका तो उसे यह कहकर शांत करा दिया कि अभी राजनीति पर बोलने का समय नहीं है। बंगाल आउंगा तो सीना ठोककर बोलूंगा। इसी बीच अखिलेश यादव ने कह दिया कि योगी पर कुछ नहीं बोलेंगे।
अखिलेश यादव अक्सर दिल्ली और लखनऊ के बीच मतभेद का आरोप लगाते हैं। उन्हें लग रहा था कि अमित शाह शायद कुछ न बोलें या कुछ ऐसा बोल दें जिससे उनके आरोपों पर मुहर ही लग जाए। हालांकि इसका उल्टा हो गया। अमित शाह ने बिना देरी किए दो टूक कह दिया कि योगी भी रिपीट होंगे। यह सुनते ही सपा खेमे में सन्नाटा छा गया और भाजपा सदस्य मेज थपथपाकर हंस पड़े। अमित शाह भी इस दौरान अपनी हंसी नहीं रोक सके।
इससे पहले अखिलेश यादव के भाषण के दौरान भी इसी तरह का माहौल बना। अखिलेश यादव ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि भाजपा के लोग आपस में ही लड़ रहे हैं। यह भी कह दिया कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा अब तक अपना अध्यक्ष नहीं चुन पाई है। अखिलेश की बातें सुनते ही अमित शाह जवाब देने के लिए खड़े हुए तो अखिलेश शांत हो गए। अखिलेश ने भाजपा पर आरोप हंसते लगाया था। अमित शाह ने जवाब देना शुरू किया तो इस बात का जिक्र भी किया। अमित शाह ने कहा कि अखिलेश जी ने बहुत हंसते-हंसते कहा है और वह इसका जवाब हंसते-हंसते ही देंगे।
उन्होंने विपक्षी दलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये सामने जितनी पार्टियां हैं उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष परिवार के ही पांच लोगों को चुनना होता है। जबकि (भाजपा में) 12-13 करोड़ सक्रिय सदस्य हैं। एक प्रक्रिया से अध्यक्ष चुनते हैं इसलिए देर लगती है। आपके यहां जरा भी देर नहीं लगेगी। अमित शाह यहीं नहीं रुके। बोले, मैं कह देता हूं…अभी 25 साल तक आप अध्यक्ष रहोगा।
©2025 Agnibaan , All Rights Reserved