नई दिल्ली । हिंदू नववर्ष की शुरुआत के साथ (With the beginning of the Hindu New Year) चैत्र नवरात्रि के पहले दिन (On the first day of Chaitra Navratri) देशभर के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी (Huge Crowd of Devotees gathered in Temples across the Country) । देवरिया के देवरही मंदिर और राजराजेश्वरी मां केला देवी मंदिर से लेकर प्रयागराज के मां कल्याणी देवी मंदिर तक, सुबह से ही श्रद्धालु मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। इस मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
देवरिया में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल और पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने नवरात्रि की तैयारियों का जायजा लेने के लिए देवरही मंदिर का दौरा किया। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि मंदिर में मां दुर्गा के नौ रूपों की भव्य झांकियां सजाई जाएंगी, ताकि श्रद्धालु मां के दर्शन कर उनकी महिमा को समझ सकें।
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि नई पीढ़ी को मां के अलौकिक स्वरूप का ज्ञान हो। नवरात्रि के दौरान हर शाम 5 से 7 बजे तक दुर्गा सप्तशती पाठ होगा, जिसके बाद भव्य आरती होगी। 3 अप्रैल को जागरण और अष्टमी पर आतिशबाजी का आयोजन भी होगा।” जिलाधिकारी ने स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, बिजली और सीसीटीवी कैमरों के साथ पुलिस तैनाती के निर्देश दिए। मंदिर मार्ग, यातायात और पार्किंग की व्यवस्था को भी दुरुस्त करने को कहा।
देवरिया के ऐतिहासिक राजराजेश्वरी मां केला देवी मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुट गई। मंगला दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर को फूलों और रोशनी से सजाया गया है। नौ दिनों तक विशेष हवन और आरती का आयोजन होगा। भक्त मां से सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं। पुलिस ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। एक श्रद्धालु ने कहा, “मां के दर्शन से मन को शांति मिलती है।”
देवरिया के प्राचीन शक्तिपीठों जैसे मां कालिकन धाम, दुर्गन भवानी, हिंगलाज, आहोरवा भवानी और बड़ी दुर्गा काली मंदिर में भी सुबह से भक्तों का तांता लगा रहा। लोग हवन और पूजन में हिस्सा ले रहे हैं। प्रशासन ने मंदिरों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई है। सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
प्रयागराज के शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में भी सुबह से भक्त मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर में पूजा, जागरण और भजन-कीर्तन का माहौल है। एक भक्त ने बताया, “हर साल नवरात्रि पर मां के दर्शन करने आते हैं। आज का दिन बहुत खास है। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं।”
चैत्र नवरात्रि का आगाज 30 मार्च से हुआ है जो 6 अप्रैल को रामनवमी के साथ समापन होगा। इस बार नवरात्रि 9 की बजाय 8 दिन की होगी। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जा रही है। नवरात्रि में मां के नौ रूपों की पूजा होती है। कलश स्थापना के साथ यह पर्व शुरू हुआ। मान्यता है कि इस दौरान मां पृथ्वी पर आती हैं। भक्त पूजा, हवन और उपवास के जरिए मां का आशीर्वाद मांगते हैं।मंदिरों में भक्ति का माहौल है। लोग मां से सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं। प्रशासन ने सभी जगह व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा है, ताकि भक्तों को कोई असुविधा न हो।
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