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Waqf Amendment Bill Live: ‘यहां बाबासाहब का संविधान चलेगा, मुगलिया फरमान नहीं…’, वक्फ बिल पर बोले अनुराग ठाकुर

  • April 02, 2025

    नई दिल्ली: अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने वक्फ संशोधन विधेयक (Wakf Amendment Bill) लोकसभा (Lok Sabha) में पेश कर दिया है. मुस्लिम समाज (Muslim Brotherhood) का एक तबका इसके समर्थन में जबकि दूसरा धड़ा इसके विरोध में है. इस विधेयक को पारित कराने के लिए एनडीए और उसकी सहयोगी पार्टियां एकजुट हैं जबकि INDIA ब्लॉक इसके विरोध में है. वक्फ बिल पेश होने से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अहम बैठक भी की. संसद में चर्चा के लिए आठ घंटे का समय निर्धारित किया गया है. इसमें एनडीए को कुल 4 घंटे 40 मिनट का समय दिया गया है.


    Waqf Amendment Bill Live Update:

    ये बिल बहुलतावादी संस्कृति पर हमला- आरजेडी
    राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि वक्फ बिल बहुलतावादी संस्कृति पर हमला है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इसमें पिछड़ों और महिलाओं को भी आरक्षण दिया जाएगा. जब राम मंदिर के ट्रस्ट का निर्माण हो रहा था, उसमें क्यों नहीं आरक्षण दिया गया. क्या कब्रिस्तान, मस्जिदें, अनाथालय आमदनी का जरिया बनेंगे. उन्होंने वक्फ बिल का पुरजोर विरोध किया और कहा कि ये अधिकारों का अतिक्रमण है.

    ‘आप दुआ करने से रोक रहे हैं…’, सपा सांसद मोहिबुल्ला ने वक्फ बिल का किया विरोध
    यूपी के रामपुर से सपा के सांसद मोहिबुल्ला ने कहा कि देश में हर मजहब को फलने-फुलने का मौका दिया गया. आज ये जो बिल लाया गया है, वह एक कम्युनिटी के खिलाफ है. वक्फ के बुनियादी उसुलों से तब्दीलियों का कोई वास्ता नहीं है. वक्फ के उसूलों को खत्म न किया जाए. सन 1913 का कानून इसी मकसद से लाया गया था कि वक्फ के उसूलों को कानूनी शक्ल दी जाए. इस बिल को ड्राफ्ट करने में कितने मुस्लिम थे, इस सवाल पर मुझे जवाब मिला था कि एक. संसद के सामने की मस्जिद में रहकर पूरे मुल्क के लिए दुआ करता हूं. हमारा देश सूफी, ऋषि-मुनियों का देश है. आप दुआ करने से रोक रहे हैं. मुसलमानों को भी अपने ईमान का सबूत देना होगा. वक्फ तो खतम हो जाएगा. बोर्ड को पूरी तरह से सरकारी बनाया जा रहा है और इसका उदाहरण दिल्ली है.

    चिराग पासवान की पार्टी ने किया वक्फ बिल का समर्थन
    एलजेपी ने लोकसभा में वक्फ बिल का समर्थन किया है. सांसद अरुण भारती ने कहा कि पिछली बार जब ये बिल यहां आया था तब मंत्रिमंडल में होते हुए भी हमारे नेता चिराग पासवान ने कहा था कि इसे किसी कमेटी को भेजा जाना चाहिए और व्यापक विमर्श होना चाहिए. विपक्ष धार्मिक पक्ष को उठाकर, डराकर वोटबैंक अपने पास बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. सच्चर कमेटी की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए अरुण भारती ने कहा कि विपक्ष वास्तविक मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहता है क्योंकि इससे उनके प्रायोजित नैरेटिव पर प्रश्नचिह्न खड़े हो जाते हैं. उन्होंने टर्की, अल्जीरिया, ट्यूनिशिया, मिस्र जैसे देशों में वक्फ संपत्तियों को लेकर हुए सुधार भी गिनाए. अरुण भारती ने कहा कि यही सवाल आज हमें भी पूछना है कि क्या हमें इस बारे में चर्चा नहीं करनी चाहिए कि हम इसे कैसे आगे लेकर चलें. ईमानदार प्रयास बहुत जरूरी है. बाबासाहब ने कहा था कि धर्म की आड़ में कोई भी संस्था कानून के ऊपर नहीं हो सकती है. जिस तरह से चिराग पासवान के खिलाफ फतवा लाया गया, उनसे कहना चाहूंगा कि आप लोगों को उस पुत्र से शिकायत है जिनके पिता ने मुस्लिम मुख्यमंत्री के लिए अपनी पार्टी का अस्तित्व खतरे में डाल दिया था. पिता ने इसी सदन में कहा था 2010 में कि हमें भी पता है कि बिहार में कितनी वक्फ प्रॉपर्टियां हैं. पुत्र कह रहा है कि इसे हम बिहार में लागू नहीं होने दूंगा. लोक जनशक्ति पार्टी इस बिल का समर्थन करती है.

    आपको तय करना है कि वक्फ के साथ रहना है या संविधान के साथ- अनुराग ठाकुर
    अनुराग ठाकुर ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग हाथ में एक लाल किताब लेकर चलते हैं जिसे ये संविधान कहते हैं. लेकिन ये देश में दो विधान देने का काम करते हैं. देश में ऐसे हालात बन गए थे कि वक्फ जिस पर हाथ रख दे, वही संपत्ति उनकी. अब आपको तय करना है कि वक्फ के साथ रहना है या बाबा साहब के संविधान के साथ. ये वक्फ बिल इस बात का साफ संदेश है कि यहां बाबासाहब का संविधान चलेगा, मुगलिया फरमान नहीं. ये बिल तुष्टिकरण की राजनीति का अंतिम संस्कार करने वाला है. राहुल गांधी सदन में नहीं हैं, वे बार-बार कहते हैं कि देश की संपत्ति कुछ लोगों के हाथ में है, राहुल जी आपने लाखों करोड़ की वक्फ प्रॉपर्टी दो सौ लोगों के हाथ में क्यों दे दिया. उन्होंने सेक्शन 40 को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि इसमें प्रावधान है कि दान देनेवाला किसी भी धर्म का हो सकता है, देखभाल करने वाला मुस्लिम ही होगा. कर्नाटक में जो घोटाले हुए, इनके राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी का नाम भी आता है. इस पर विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा कर दिया.

    आप किस तरह तय करेंगे कि कौन प्रैक्टिसिंग मुस्लिम- इमरान मसूद
    कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि बाबा साहब ने संविधान में हमारे अधिकारों के संरक्षण का काम किया. वक्फ बिल लाकर, जिन्होंने इसे ड्राफ्ट किया, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. अपनी हैसियत के हिसाब से मुसलमान अल्लाह की राह में वक्फ करता है. वक्फ को मुसलमान जानता है, समझता है, इसकी जरूरत को पहचानता है. इसका सारा प्रबंधन तो सरकारों के ही हाथ में है. जेडीयू, टीडीपी और अन्य दल कहते हैं कि हमने वक्फ बाई यूजर को खत्म कराने का काम कर दिया. धारा तीन को हटा दिया गया जिसमें वक्फ बाई यूजर था. लेकिन क्या शामिल किया गया, वह बता रहा हूं. उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों के बोर्ड की ओर से सच्चर कमेटी के सामने यह बताया कि ऐसी कितनी संपत्तियां हैं जिनपर सरकार ने कब्जा किया हुआ है. ये कानून लागू होने के बाद इन पर से वक्फ का दावा समाप्त हो जाएगा. यूपी में 14 हजार में से 11500 एकड़ लैंड को सरकारी घोषित कर दिया गया है जिनमें मस्जिद, इमामबाड़ा, कब्रिस्तान हैं. आप कहते हैं कि वक्फ बाई यूजर खत्म करा दिया. इतना बड़ा हथियार दे दिया कि जाइए लड़ते रहिए. कर्नाटक के अंदर एक लाख 11 हजार एकड़ जमीन वक्फ की थी जिसमें 19 हजार और 20 हजार एकड़ जमीन मुतवल्ली ने अपने परिवारों में बांट लिया. सरकारें बीजेपी और कांग्रेस, दोनों की रहीं. दोनों ने नोटिस जारी किए लेकिन जेपीसी में हंगामा. वहां कुछ नहीं मिला. ये विवाद वाली स्थिति में आपने डेजिग्नेटेड ऑफिसर का प्रावधान किया लेकिन ये नहीं लिखा कि कब तक तय करेगा. 22 में से 10 मुसलमान होंगे, सही है लेकिन 12 सदस्य गैर मुस्लिम हो जाएंगे. पूरा बहुमत गैर मुस्लिमों का हो जाएगा. दूसरे धर्म के ट्रस्ट में गैर धर्म के लोगों को शामिल होने की अनुमति देंगे, नहीं देंगे. काशी विश्वनाथ ट्रस्ट का अध्यक्ष जिलाधिकारी पदेन है लेकिन लिखा है कि गैर हिंदू होगा तो उसके नीचे का अधिकारी अध्यक्ष होगा. अब आपने वक्फ प्रॉपर्टी पर मुकदमों के लिए रास्ता खोल दिया. आपने जो कब्जा करने वाले लोग हैं, उसे गैर जमानती से जमानती कर दिया. एक संस्था बता दीजिए जो धार्मिक हो और लिमिटेशन एक्ट न हो. हमारे ऊपर से हटा रहे हैं. आपकी नजर सबकी जमीन और पैसे पर है. वामसी पोर्टल पर दर्ज प्रॉपर्टी एक ही की तीन-तीन, चार-चार बना दीं और जो काम आप 10 साल में नहीं कर सके. आप कह रहे हैं कि छह महीने के भीतर सारी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन करा लेना. इस समय में नहीं हुआ तो ये संपत्ति वक्फ की नहीं बचेगी. ये पूरी तरह से संविधान विरोधी कानून है. अनुच्छेद 14, 16 और 25 का उल्लंघन करने का काम ये कानून करता है. आप किस तरह से तय करेंगे कि कौन प्रैक्टिसिंग मुस्लिम है. उसका पैमाना क्या होगा. आपने संवैधानिक अधिकार का अतिक्रमण करने का काम किया है. अभी हमें सौगात-ए-मोदी मिली. हमें सौगात-ए-मोदी में शिक्षा, रोजगार दे दीजिए. सौगात-ए-मोदी में ये कानून दे दीजिए. ये जो गोलियां सीने पर लगती हैं, इन्हें बंद करा दीजिए.

    आप जमीन हड़पना चाहते हो, किस उद्योगपति के लिए, ये सबको पता है- शिवसेना
    शिवसेना के सांसद अरविंद गणपत सावंत ने कहा कि अभी ईद के समय सौगात-ए-मोदी चल रहा था, आज सौगात-ए-बिल चल रहा है. हम भी आश्चर्य में थे कि आपको इतना प्यार आ गया. इस देश की आजादी के लिए जिन्होंने कुछ भी नहीं किया न, दुर्भाग्य है कि आज सरकार चला रहे हैं. मुसलमानों ने भी आजादी के लिए कुर्बानी दी थी, अंडमान में रहे थे. बोर्ड में मुस्लिम अल्पसंख्यक हो जाएंगे. महिलाओं के लिए बोर्ड में आरक्षण पहले से है. आप बोर्ड में जो दो गैर मुस्लिम चाहते हो आप, हमारे मन में शंका है. बोर्ड में पहले चुनाव होता था, अब आप नॉमिनेट करने जा रहे हो. डर लगता है कि हिंदुओं के मंदिर में भी गैर हिंदू को बोर्ड में लाने की कोशिश करोगे. शिवसेना उसका विरोध करेगी. आपका उद्देश्य क्या है. कल आप सिखों के गुरुद्वारा, ईसाइयों के चर्च में भी कर सकते हो. अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के समय हम साथ थे, हमने अभिनंदन किया था. कितने लोग कश्मीर में आ गए हिंदू, बताओ तो सही. हिंदुओं के देवस्थान की जमीन बेची जा रही है, क्या उनके खिलाफ भी कानून लाओगे. 2009 और 2014 के मैनिफेस्टो में आपने लिखा था कि बीजेपी रहमान खान की अगुवाई वाली जेपीसी रिपोर्ट को एग्जामिन करेगी और मुस्लिम धर्मगुरुओं से चर्चा कर वक्फ प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जे को हटवाएगी. आज आप क्या कर रहे हो. जिस ढंग से आपने ये बिल लाया है, उसको देखते हुए आपका उद्देश्य स्पष्ट नहीं होता. आपको जमीन हड़पना है. किसके लिए करना है, किस उद्योगपति के लिए करना है, ये सभी को पता है. आपके होंठों पर सच्चाई नहीं है. आपने नारा दिया कि बंटेंगे तो कटेंगे, आप बांट रहे हो तो बचने के लिए बांट रहे हो. आपके दिल में नफरत है, उसे निकाल डालो.

    टीडीपी ने वक्फ बिल का किया समर्थन
    तेलुगु देशम पार्टी के सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि वक्फ के पास 1.2 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति है. ये संपत्तियां मिसमैनेजमेंट का शिकार हैं. हमारी पार्टी का ये मानना है कि इस संपत्ति का इस्तेमाल मुस्लिमों के कल्याण के लिए, महिलाओं के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए. हमारा मानना है कि इसमें सुधार होना चाहिए. हम सबसे पहला दल थे जिसने जेपीसी की मांग की थी. उन्होंने कहा कि 97 लाख से अधिक कम्युनिकेशन हुए. रिवाइज्ड बिल 14 संशोधनों के साथ आया. हमारी पार्टी ने तीन सुझाव दिए थे और तीनों सुझाव माने गए हैं जो मुस्लिमों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं. तेलुगु देशम पार्टी मुस्लिमों के कल्याण, उत्थान के लिए संकल्पित है. हम सरकार से ये अपील करते हैं कि वक्फ बोर्ड का कम्पोजिशन तय करने के लिए राज्य सरकारों को छूट मिले और नियम बनाने की छूट मिले. हम वक्फ बिल का समर्थन करते हैं.

    जेपीसी से मैच कर जाए मंत्री की स्पीच तो संसद सदस्यता से दे दूंगा इस्तीफा- ए राजा
    डीएमके सांसद ए राजा ने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले मंत्री ने करेजियस स्पीच दी. हिम्मत के साथ कहता हूं कि कल आप अपनी स्पीच के टेक्स्ट को जेपीसी की रिपोर्ट से मिलाइएगा. मैच कर जाए तो इस सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा. ये कहानी गढ़ रहे हैं कि संसद वक्फ बोर्ड को दे दी गई होती. आज का दिन इस संसद के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि सेक्यूलर देश किस तरफ जाएगा. उन्होंने वक्फ बिल को असंवैधानिक बताते हुए तमिलनाडु विधानसभा से पारित प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक बिल इस सदन के माध्यम से पूरे देश पर थोपा जा रहा है. तमिलनाडु की ओर से पारित प्रस्ताव को अनदेखा किया जाता है तो ये देश की एकता पर ये सवाल है.

    जेपीसी एक फरेब, प्लानिंग के साथ आया बिल- AIMPLB
    मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव ने कहा है कि वक्फ एक्ट में संशोधन का मसला जेपीसी में भी गया था. जेपीसी ने रिपोर्ट दाखिल की. इसमें 5 करोड़ ई-मेल खिलाफ होने की बात है. हमारे मुताबिक ये बिल अब और ज्यादा ऐतराज वाला हो गया है. उन्होंने ये भी कहा कि प्लानिंग के साथ ये बिल लाया गया है. हमने जो भी ऐतराज किए थे, उनमें से किसी को नहीं माना गया. वक्फ का इंतजाम अब मुसलमान के हाथ से लेकर सरकार को दे दिया गया है. जेपीसी सिर्फ एक ढोंग है, फरेब है. लॉ बोर्ड के प्रवक्ता इलियास ने कहा कि ये बिल पास हुआ तो देशव्यापी अभियान चलाएंगे. जितने भी कानूनी रास्ते हैं, सभी अपनाएंगे. जब तक ये बिल वापस नहीं ले लिया जाएगा, शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन करेंगे. पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब ने कहा कि बाबरी मस्जिद की शहादत एक मस्जिद का मसला था. 25 फीसदी जमीनों पर कब्जा हो गया. जो थोड़ा बहुत है, उसकी कमाई से मस्जिदों की देखभाल और इमाम की तनख्वाह देते हैं.बहुत से गैर मुसलमान भी हमारे समर्थन में हैं. हिंदुस्तान की तारीख में इससे बदतरीन दिन नहीं आया. हम हर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. जेपीसी में किसी की बात नहीं मानी गई. उन्होंने कहा कि जो लोग अपने को सेक्यूलर बता रहे हैं, इस बिल का समर्थन करने के बाद वो भी गलत हैं. आज से लड़ाई शुरू हुई है. मुल्क खतरे में है, मुल्क को बचा लें. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मदनी ने कहा कि इससे देश का फायदा नही होने वाला. मुसलमान की आवाज दबाकर जो खेल खेला जा रहा है, वह खतरनाक है. हम लीगल रास्ते अपनाएंगे, मुल्क के लोगों को जागरूक करने की मुहिम चलाएंगे.

    वक्फ प्रॉपर्टी मुस्लिम समुदाय के लिए बैकबोन- कल्याण बनर्जी
    टीएमसी संसदीय दल के नेता कल्याण बनर्जी ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि ये संविधान के खिलाफ है, संवैधानिक ढांचे पर प्रहार है और हम इस बिल का पूरी तरह से विरोध करते हैं. बीजेपी वक्फ पर राजनीति कर रही है. वक्फ संपत्ति मुस्लिम समुदाय के लिए बैकबोन है. वक्फ संशोधन विधेयक में किए जा रहे बदलाव इस्लामिक परंपराओं और संस्कृति को लेकर गंभीर चिंता का विषय हैं. उन्होंने वक्फ एक्ट 1995 का भी जिक्र किया और कहा कि इस्लामिक कानून के अनुरूप ये एक्ट बनाए गए थे. यह प्रयास मुस्लिमों के अधिकार छिनने की कोशिश है जो असंवैधानिक है. कल्याण बनर्जी ने एक-एक क्लॉज का जिक्र कर यह भी बताया कि वह किस तरह से संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है. मैं भी हिंदू हूं. मैं मंदिर में दान करूंगा, बौद्ध मठ को दान दूंगा, मस्जिद को दान दूंगा, चर्चा को दान दूंगा. आप किस तरह से किसी को कंट्रोल कर सकते हो.

    अखिलेश की टिप्पणी पर अमित शाह ने कसा तंज
    वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अभी तक ये पार्टी अभी तक अपने अध्यक्ष का चुनाव नहीं कर सकी है. इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा के 10-12 करोड़ पंजीकृत सदस्य हैं, इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव में थोड़ा समय लग रहा है, लेकिन मैं ये बात गारंटी से कह सकता हूं कि आपकी पार्टी में अध्यक्ष के चुनाव में बिल्कुल भी समय नहीं लगेगा. आप 20-25 साल अध्यक्ष रहेंगे. अमित शाह की टिप्पणी पर अखिलेश यादव भी मुस्कुराते हुए नजर आए.

    वक्फ बिल बीजेपी की नफरत की राजनीति का एक और अध्याय- अखिलेश यादव
    अखिलेश यादव (Akhilesh) ने कहा कि बिहार चुनाव में इस बार मैं भी देखूंगा कि कितनी महिलाओं को टिकट दे रहे हैं आप. बीजेपी जब भी कोई नया बिल लाती है, अपनी नाकामी छिपाती है. प्रयागराज महाकुंभ में कितने हिंदू मारे गए, इस पर पर्दा डालने के लिए ये बिल लाए हैं. कुंभ में आस्था सबकी है. कुंभ कोई पहली बार नहीं हो रहा था. बीजेपी ऐसा प्रचार किया कि 144 साल बाद ये कुंभ हो रहा है. सरकार दावा करती थी कि हमारी तैयारी सौ करोड़ की है. कुंभ में जो 30 लोग मारे गए, जो एक हजार लोग लापता है, सरकार बताए उनका नाम पता. कारसेवक वाली बात नहीं छेड़ना चाहता. स्पीकर ओम बिरला ने चुटकी लेते हुए कहा कि अखिलेश जी, अब जरा वक्फ पर भी आ जाओ. इसके बाद अखिलेश ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री जी जैसे तीस की गिनती में उलझे हुए हैं. कुंभ हमारा क्या कारोबार की जगह है. मैं भी स्वीकार करता हूं कि रेलवे की जमीन, डिफेंस की जमीन भी भारत की है. क्या डिफेंस और रेलवे की जमीन नहीं बेची जा रही है. कितना हस्तक्षेप है. वक्फ की जमीन से मंत्री जी बताएं कि बड़ा मुद्दा वो जमीन है जिस पर चीन ने अपने गांव बसाए लिए हैं. कोई बाहरी खतरे पर सवाल न कर दे, इसलिए ये बिल लाया जा रहा है. वक्फ मुसलमानों का है और बिल पर उन्हीं की बात नहीं सुनी जा रही है. बीजेपी एक अलोकतांत्रिक पार्टी है और विरोध को ही ताकत समझती है. जब करोड़ों लोग इस बिल के खिलाफ हैं, इसे लाने की जरूरत क्या है. वोट में जब से गिरावट आई है, उसे संभालने के लिए ये बिल लाया गया है. वक्फ की जमीन लेकर बीजेपी अपने लोगों को दे देना चाहती है. बीजेपी चाहती है कि मुस्लिम उद्वेलित हो और ध्रुवीकरण का मौका मिले. उनको पता है कि ध्रुवीकरण होगा तो वे लाभ उठाने में आगे रहेंगे. इसके लिए नहीं लाया गया तो पहले के फैसलों से क्या देश में कोई बड़ा बदलाव आ गया. डर तो ये लगता है कि कहीं बीजेपी वाले दूसरों के यहां पैसा रखकर न पकड़वा दें. इससे दुनिया में गलत संदेश जाएगा. वक्फ बिल बीजेपी की नफरत का एक और अध्याय है. राजनीति क्या है, हमने आपका हाथ पकड़ा और हम कहां आ गए. आप हमारा हाथ छुड़ाकर वहां चले गए. ये बिल बीजेपी के लिए वाटर लू साबित होगा. सपा इस बिल का विरोध करती है और वोट पड़ेगा तो हम इसके खिलाफ वोट डालने जा रहे हैं.

    ये बिल कहीं से भी असंवैधानिक नहीं- रविशंकर प्रसाद
    रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) ने कहा कि विपक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि संशोधन होना चाहिए और नहीं भी होना चाहिए. दोनों तर्क एकसाथ कैसे चलेंगे. मौलिक अधिकार में धारा 15 में लिखा हुआ है कि महिलाओं के साथ कोई विभेद नहीं होगा और उसे लेकर सरकार कानून बना सकती है. इसमें ये भी लिखा हुआ है कि सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों के विकास के लिए सरकार कार्रवाई कर सकती है. जिस प्रदेश से आता हूं, वहां बहुत सारे पिछड़े मुसलमान हैं. उनको वक्फ के मैनेजमेंट में अवसर नहीं मिलता. यदि इस बिल में ये प्रावधान किया जा रहा है तो परेशानी क्यों है इनको. संविधान की दुहाई का जवाब मैं संविधान से ही दे रहा हूं. संविधान की धारा 15 में इस बात के प्रावधान है. धारा 25 का जिक्र किया गया. इसकी धारा दो भी पढ़ लीजिए मेरे साथ. अगर वक्फ की जमीन बर्बाद हो रही है, लूटी जा रही है, हड़पी जा रही है तो संविधान का धारा 25 ये अधिकार देता है कि कानून बन सकता है. ये बिल कहीं से भी असंवैधानिक नहीं है.

    आज इनकी नजर एक विशेष समुदाय की जमीन पर, कल दूसरे पर जाएगी- गौरव गोगोई
    गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) ने कहा कि वक्फ कोई भी व्यक्ति कर सकता है, ये अधिकार क्यों छिन रहे हो. पहले से ही था कि दो से अधिक सदस्य महिलाएं हो सकती थीं, इन्होंने दो पर ही कैप कर दिया. विधवा, तलाकशुदा महिलाओं की सदस्यता का प्रावधान पहले भी था. इनको भ्रम फैलाना है कि वर्तमान का एक्ट महिलाओं के खिलाफ है. क्लॉज 33 में रेवेन्यू जो सात फीसदी आता था, उसे इन्होंने गिराकर पांच फीसदी कर दिया. अगर कोई खामियां हुई भी हैं, माना कि कोई भी कानून परफेक्ट नहीं है. केरल, आंध्र से लेकर अलग-अलग राज्यों में खामियां हुई भी हैं तो उस रेवेन्यू को घटाने की बजाय इसे और बढ़ाइए. इनकी मंशा केवल भ्रम फैलाना है. आज इनकी एक समाज की जमीन पर नजर है. कल इनकी दूसरे अल्पसंख्यकों की जमीन पर इनकी नजर जाएगी. संशोधन की जरूरत है, ऐसा नहीं कहता कि इसकी जरूरत नहीं है. हम संशोधन के विपक्ष में नहीं हैं. संशोधन ऐसा हो जिससे ये बिल और ताकतवर हो. इन्होंने जो संशोधन लाए हैं, उससे मसले और बढ़ेंगे. सरकार धार्मिक मामलों में दखल दे रही है. ये देश में भाईचारे के माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं. राज्य सरकार की अनुमति से बोर्ड को कुछ नियम बनाने की इजाजत थी जिसे ये पूरा का पूरा हटा रहे हैं. सरकार वक्फ बोर्ड को कमजोर करना चाहती है.

    यूपीए सरकार को लेकर जो भी कहा, पूरा का पूरा भ्रमित करने वाला- गौरव गोगोई
    लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने यूपीए सरकार को लेकर जो भी बातें कहीं, पूरा का पूरा झूठ है. हम डिमांड करते हैं कि वे इसे ऑथेंटिकेट करें. गौरव गोगोई ने इस बिल को संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण बताया और कहा कि इनका पूरा भाषण हमारे संघीय ढांचे पर आक्रमण था. इनका उद्देश्य है भ्रम फैलाना, समाज को बांटना. आज ये अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदना जता रहे हैं. कुछ दिन पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने ईद की शुभकामनाएं दीं और इनकी डबल इंजन सरकारों ने लोगों को नमाज तक नहीं पढ़ने दीं. पहले ये तो बताइए कि आपके कितने अल्पसंख्यक सांसद हैं. उन्होंने कहा कि हम तो बस इतना पूछना चाहते हैं कि ये बिल अल्पसंख्यक मंत्रालय ने बनाया या किसी दूसरे मंत्रालय ने, कहां से आया ये बिल. आज देश में अल्पसंख्यकों की ऐसी दशा हो गई कि सरकार को धर्म का सर्टिफिकेट देना पड़ेगा. सात हजार साल से पुराना सनातन और इससे भी पुराना ये देश जहां हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. ये किस प्रकार का कानून हम बना रहे हैं जहां हमें धर्म का सर्टिफिकेट देना पड़ेगा. वक्फ बाई यूजर का प्रावधान हटाने को लेकर भी गौरव गोगोई ने सवाल उठाए और कहा कि इसको लेकर अलग-अलग जजमेंट भी आए हैं. इसे अलग-अलग जजमेंट ने ताकत दी. वक्फ क्या है, ये भी हमें समझना चाहिए.

    वक्फ क्रिएट कर सकते हैं, नहीं छिन सकते महिलाओं और बच्चों के अधिकार- रिजिजू
    रिजिजू ने कहा कि हम किसी जाति-धर्म की वजह से सांसद नहीं बने हैं. आपका ट्रस्ट है, ट्रस्ट को चैरिटी कमिश्नर संभालता है. आप कैसे कहेंगे कि वह मुसलमान नहीं है तो कैसे संभाल सकता है. ये बार-बार कहा जा रहा है कि मुसलमान के मामले में गैर मुस्लिम क्यों आ रहा है. अरे इसका धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं देना नहीं है. ये संपत्ति के मैनेजमेंट से जुड़ा मामला है. उन्होंने ये भी कहा कि वक्फ की जिन संपत्तियों पर विवाद है, हम कोर्ट के पावर को कैसे ले सकते हैं. सीएए जब लाए थे, तब भी ये लोग कह रहे थे कि मुसलमान का हक छिना जा रहा है. बताइए, किसी मुसलमान की नागरिकता छिनी गई है. आज आप दोबारा मिसलीड करेंगे तो मुंह की खाना पड़ेगा आपको. फिर कोई बिल लेकर दोबारा आएंगे और पर्दाफाश करेंगे आपका. आप वक्फ क्रिएट कर सकते हैं लेकिन महिलाओं और बच्चों का अधिकार नहीं छिन सकते. ये बहुत बड़ा रिफॉर्म है.

    वक्फ बिल में धार्मिक कार्यकलापों में हस्तक्षेप का प्रावधान नहीं- रिजिजू
    किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल में किसी भी धार्मिक कार्यकलाप में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है. हम किसी भी मस्जिद के संचालन में हस्तक्षेप करने नहीं जा रहे. इस पर विपक्ष की ओर से किसी ने टिप्पणी की. स्पीकर ओम बिरला ने टोकते हुए नसीहत दी कि भारत की संसद में बैठे हो, गरिमा का ध्यान रखो. किसी भी व्यक्ति को बैठे-बैठे टिप्पणी का अधिकार नहीं है. किरेन रिजिजू ने कहा कि ये मस्जिद या धार्मिक क्रियाकलापों से जुड़ा मामला नहीं है. ये बस एक संपत्ति के मैनेजमेंट से जुड़ा विषय है. कोई मुसलमान जकात देता है तो उसे पूछने वाले हम कौन होते हैं. हम तो बस उसके मैनेजमेंट से जुड़ी बात कर रहे हैं. इसका धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है.

    किरेन रिजिजू ने पेश किया वक्फ बिल, बोले- इतनी याचिकाएं किसी बिल पर नहीं आईं
    किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पेश कर दिया है. किरेन रिजिजू ने कहा कि इससे अधिक संख्या में आजतक किसी भी बिल पर लोगों की याचिकाएं नहीं आईं. 284 डेलिगेशन ने अलग-अलग कमेटी के सामने अपनी बात रखी है. 25 राज्यों के वक्फ बोर्ड ने अपना पक्ष रखा. पॉलिसी मेकर्स, विद्वानों ने भी अपनी बात कमेटी के सामने रखी हैं. इस बिल का पॉजिटिव सोच के साथ विरोध करने वाले भी समर्थन करेंगे. यह प्रस्ताव खुले मन से पॉजिटिव नोट के सामने पेश कर रहा हूं. किसी ने असंवैधानिक बताया तो किसी ने नियमविरुद्ध. जब पहली बार ये प्रस्ताव सदन में पेश किया गया था 1913 में, उसके बाद जब दोबारा एक्ट पास किया गया था. 1930 में एक्ट लाया गया था. आजादी के बाद 1954 में वक्फ एक्ट पहली बार आजाद भारत का एक्ट बना और उसी में राज्य के बोर्ड का भी प्रावधान किया गया था. 1995 में व्यापक रूप से एक्ट बना. उस समय किसी ने इसे असंवैधानिक, नियमविरुद्ध नहीं कहा. आज हम जब ये बिल ला रहे तो ये बोलने का विचार कैसे आया. जिसका बिल में कोई लेना-देना नहीं है, उसे लेकर आपने लोगों को गुमराह करने का काम किया. 1995 में ट्रिब्यूनल का इंतजाम किया गया.

    हमारी कमेटियां कांग्रेस जैसी नहीं- अमित शाह
    गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि जो पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाया है. भारत सरकार की कैबिनेट ने एक बिल अप्रूव करके सदन के सामने रखा. सदन की ओर से ये बिल जेपीसी को दिया गया. कमेटी ने सुविचारित रूप से अपना मत प्रकट किया. वह मत फिर से कैबिनेट के सामने गया. कमेटी के सुझाव कैबिनेट ने स्वीकार किए और संशोधन के रूप में किरेन रिजिजू लेकर आए हैं. अगर ये कैबिनेट के अप्रूवल के बगैर आता तो पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज कर सकते थे. ये कांग्रेस के जमाने जैसी कमेटी नहीं है. हमारी कमेटियां दिमाग चलाती हैं.

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    पश्चिमी हिंद महासागर में 2500 KG से अधिक मादक पदार्थ, भारतीय नौसेना की बड़ी सफलता

    Wed Apr 2 , 2025
    नई दिल्ली। पश्चिमी हिंद महासागर में भारतीय नौसेना ने 2,500 किलोग्राम से ज्यादा मादक पदार्थ जब्त किया गया है। भारतीय नौसेना को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि नौसेना के अग्रणी युद्धपोत आईएनएस तरकश ने पश्चिमी हिंद महासागर में 2,500 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए हैं। उन्होंने […]
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