img-fluid

Trump Tariffs: ट्रंप के टैरिफ से भारत पर कितना असर, जानें किन सेक्टर्स को लगेंगे झटके

  • April 03, 2025

    नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति (us President)डोनाल्ड ट्रंप (donald trump)ने बुधवार को भारत(India) पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा (announcement of tariff)की। ट्रंप ने कहा कि भारत, अमेरिका पर 52 प्रतिशत तक टैरिफ लगाता है, इसलिए अमेरिका भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। उन्होंने कहा कि वह सभी आयातित उत्पादों पर दस प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे और 60 देशों पर अतिरिक्त कर लागू करेंगे। अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर रेसिप्रोकल टैरिफ यानी जवाबी शुल्क लगाने से कृषि, फार्मा, रसायन, औषधि, चिकित्सकीय उपकरण, इलेक्ट्रिकल और मशीनरी सहित कई प्रमुख क्षेत्र सामान प्रभावित हो सकते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में शुल्क अंतर बहुत अधिक है, जिस कारण अमेरिकी प्रशासन भी उसी दर से अतिरिक्त आयात शुल्क लगा सकता है। शुल्क अंतर जितना अधिक होगा, वह क्षेत्र भी उतना ही अधिक प्रभावित होगा।


    आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के विश्लेषण के अनुसार, कृषि में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मछली, मांस व प्रसंस्कृत समुद्री भोजन होगा। इसका 2024 में निर्यात 2.58 अरब अमेरिकी डॉलर था और इसे 27.83 प्रतिशत शुल्क अंतर का सामना करना पड़ेगा। झींगा जो अमेरिका का एक प्रमुख निर्यात है, अमेरिकी शुल्क लागू होने के कारण काफी कम प्रतिस्पर्धी हो जाएगा।

    अर्थव्यवस्था पर संभावित असर

    1. निर्यात में गिरावट: टैरिफ बढ़ने से भारतीय कंपनियों को अमेरिका में सामान भेजने में अधिक लागत आएगी, जिससे उनकी मांग घट सकती है।

    2. मुद्रा में अस्थिरता : अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव बढ़ने से भारतीय रुपया कमजोर हो सकता है, जिससे आयात महंगा होगा और महंगाई बढ़ सकती है।

    3. निवेश में कमी : ट्रेड टेंशन बढ़ने से वैश्विक निवेशक भारत में निवेश करने से बच सकते हैं, जिससे भारतीय शेयर बाजार प्रभावित हो सकता है।

    4. ट्रेड वॉर का खतरा : विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर वैश्विक ट्रेड वॉर छिड़ता है, तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में अस्थिरता बढ़ सकती है।

    भारत झटकों को सहने में सक्षम

    विशेषज्ञों का आकलन है कि भारत उन्नत और उभरते जी-20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी बाजार पर निर्यात को लेकर कम निर्भरता (जीडीपी का मात्र 2 प्रतिशत) भारत को संभावित दुष्प्रभावों से मुकाबला करने में सक्षम बनाती हैं। रेटिंग एजेंसियों ने भी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो अन्य देशों के मुकाबले सबसे अधिक है।

    निर्यात बाजारों पर ध्यान देना होगा

    हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इन सबके बावजूद भारत को इस संकट से उबरने के लिए कुछ रणनीतियां बनानी होंगी। जैसे अन्य निर्यात बाजारों पर ध्यान देना होगा। साथ ही यूरोप, अफ्रीका और एशियाई देशों के साथ व्यापार बढ़ाने पर जोर देना। घरेलू उद्योगों को सब्सिडी और कर में राहत देनी होगी ताकि वे नए टैरिफ के प्रभाव को झेल सकें।

    इन पर दिख सकता है सबसे अधिक असर

    सेक्टर टैरिफ अंतर सालाना कारोबार

    – इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम 7.24% 14.39 अरब डॉलर

    – फार्मा उत्पाद 10.90% 12.72 अरब डॉलर

    – सोना, चांदी और आभूषण 3.32% 1.88 अरब डॉलर

    – मशीनरी और कंप्यूटर 5.29% 7.10 अरब डॉलर

    – रसायन (फार्मा को छोड़कर) 6.05% 5.71 अरब डॉलर

    – वस्त्र, यार्न और कालीन 6.59% 2.76 अरब डॉलर

    – मछली, मांस और समुद्री भोजन 27.83% 2.58 अरब डॉलर

    – अनाज, सब्जियां और मसाले 5.72% 1.91 अरब डॉलर

    – सिरेमिक और कांच 8.27% 1.71 अरब डॉलर

    – रबर उत्पाद 7.76% 1.06 अरब डॉलर

    – प्रोसेस्ड फूड, चीनी और कोको 24.99% 1.03 अरब डॉलर

    – डेयरी प्रोडक्ट 38.23% 181.49 मिलियन डॉलर

    इन देशों पर असर

    माना जा रहा है कि नए टैरिफ का सबसे ज्यादा असर कुछ खास देशों पर पड़ेगा। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ऑफिस ने 21 देशों की सूची जारी की है, जिनके साथ अमेरिका का व्यापार संतुलित नहीं है। ये देश अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय यूनियन, भारत, इंडोनेशिया, जापान, साउथ कोरिया, मलेशिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, साउथ अफ्रीका, स्विट्जरलैंड, ताइवान, थाईलैंड, तुर्की, ब्रिटेन और वियतनाम हैं।

    Share:

    MP: उज्जैन में शराबबंदी के बाद बदले नियम, काल भैरव पर चढ़ाने के लिए नहीं मिलेगी मदिरा

    Thu Apr 3 , 2025
    उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की 19 जगहों पर शराबबंदी लागू (Alcohol prohibition imposed) होने के बाद उज्जैन (Ujjain) के काल भैरव मंदिर एरिया (Kal Bhairav ​​Temple Area) के भी नियम बदल गए हैं। इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालु अब यहां शराब नहीं खरीद सकेंगे,उन्हें उज्जैन के बाहर से शराब लानी होगी। काल भैरव […]
    सम्बंधित ख़बरें
    खरी-खरी
    रविवार का राशिफल
    मनोरंजन
    अभी-अभी
    Archives

    ©2025 Agnibaan , All Rights Reserved