पेरिस (Paris)। फ्रांस में अल्जीरियाई (Algerians in France) मूल के सत्रह वर्षीय नाहेल की पुलिस गोली से हुई मौत (Death from gunshot wound) के विरोध में समूचा फ्रांस (France) सुलग रहा है। फ्रांस में पुलिस (France Police) की ओर से 17 वर्षीय एक किशोर को गोली मारे जाने की घटना के बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद चौथी रात को व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और इस दौरान देशभर में हजारों लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है ।
हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार से प्रस्तावित अपनी जर्मनी यात्रा स्थगित कर दी है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों शुक्रवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय नेताओं की बैठक छोड़कर स्वदेश लौटे।
अब तक फ्रांस में 3000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए 45,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी सड़कों पर हैं। इस हालात के मद्देनजर ब्रिटेन ने अपने नागरिकों से कहा है वह फ्रांस की यात्रा न करें।
हत्या का वीडियो आया था सामने
गौरतलब है कि मंगलवार को यातायात जांच के दौरान 17 वर्षीय नाहेल की हत्या का वीडियो भी सामने आया है। इस घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया है और लोग काफी आक्रोशित हैं। मौत के बाद पेरिस उपनगर में गुस्सा फूट पड़ा और तेजी से पूरे देश में हिंसा भड़क गई। नैनटेरे के मेयर पैट्रिक जेरी ने कहा कि फ्रांस को वंचित इलाकों में ‘परिवर्तन के लिए जोर देने’ की जरूरत है। व्यापक हिंसा के बावजूद मैक्रों ने आपात स्थिति की घोषणा नहीं की है। वर्ष 2005 में इसी तरह की परिस्थितियों में इस विकल्प का इस्तेमाल किया गया था। इसके बजाए, सरकार छुट्टी पर गए अधिकारियों को बुलाने के साथ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने पर जोर दे रही है। फ्रांस के गृह मंत्री गेराल्ड डरमेनिन ने शुक्रवार को देश भर में सभी सार्वजनिक बसों और ट्राम को रात के समय बंद करने का आदेश दिया, जो दंगाइयों के निशाने पर रहे हैं।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया नेटवर्क को चेतावनी दी है कि वे इसे हिंसा के आह्वान के माध्यम के रूप में इस्तेमाल न होने दें। डरमेनिन ने कहा कि फ्रांसीसी अधिकारी हिंसा भड़काने वाले लोगों की पहचान करने में सोशल मीडिया नेटवर्क की मदद ले रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम हर उस व्यक्ति का पीछा करेंगे जो हिंसक कृत्यों को अंजाम देने के लिए इन सोशल नेटवर्क का इस्तेमाल करता है।’ वहीं, मैक्रों ने उन सोशल मीडिया प्लेटफार्म को आड़े हाथों लिया, जिन्होंने हिंसा और कारों तथा इमारतों को आग लगाए जाने की तस्वीरें प्रसारित की हैं। सोशल मीडिया ऐप स्नैपचैट और टिकटॉक पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इनका इस्तेमाल अशांति फैलाने के लिए किया जा रहा है।
पिछले साल 13 लोगों की हुई थी मौत
नाहेल की हत्या के आरोपी पुलिस अधिकारी पर इरादतन हत्या का प्रारंभिक आरोप लगाया गया है। प्रारंभिक आरोपों का मतलब है कि जांच करने वाले मजिस्ट्रेट को गलत कृत्य का गहरा संदेह है, लेकिन किसी मामले को सुनवाई के लिए भेजने से पहले उन्हें और अधिक जांच करने की आवश्यकता है। नैनटेरे अभियोजक पास्कल प्राचे ने कहा कि उनकी प्रारंभिक जांच से वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि अधिकारी की ओर से अपने हथियार का इस्तेमाल कानूनी रूप से उचित नहीं था। पिछले साल यातायात के दौरान रूकने के निर्देश का पालन नहीं करने वाले 13 लोगों को पुलिस ने गोली मार दी थी।
इस साल, नाहेल समेत अन्य तीन लोगों की इसी तरह की परिस्थितियों में मौत हो गई। इन मौतों के मद्देनजर लोग पुलिस से अधिक जवाबदेही का आह्वान कर रहे हैं। इस सप्ताह के विरोध प्रदर्शनों ने 2005 में हुए तीन सप्ताह तक हिंसक प्रदर्शनों की याद दिला दी। उस समय 15 वर्षीय बाउना ट्रोरे और 17 वर्षीय जायद बेना की मौत हो गई थी, जो क्लिची-सूस-बोइस में एक बिजली सबस्टेशन में पुलिस से छिपते समय बिजली की चपेट में आ गए थे।
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