मालवा: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) की तैयारियों में राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियां (both major parties) लगी हुई हैं और दोनों ही पूरी ताकत से संगठन (Organization) को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही हैं. इसलिए पार्टी में सभी नाराज नेताओं को किसी भी तरह से मनाया जाए. मालवा की बात करें तो यह क्षेत्र हमेशा से बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है. बीजेपी के कद्दावर नेता और महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) इसी क्षेत्र से आते हैं. हालांकि, इसी क्षेत्र से तीन बार के विधायक और अपेक्स बैंक के अध्यक्ष रहे भाजपा नेता भंवर सिंह शेखावत (Bhanwar Singh Shekhawat) इन दिनों पार्टी को लेकर अपनी खुलकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.
दरअसल, बीजेपी नेता भंवर सिंह शेखावत का कहना है कि पार्टी के कई नेता नाराज हैं. किसी नेता की सुनवाई नहीं हो रही है. साथ ही जो कांग्रेसी नेता भाजपा में शामिल हुए हैं, वे भी पार्टी को समझ नहीं पा रहे हैं. इसके अलावा भी भंवर सिंह शेखावत ने यह भी बताया कि 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार सत्ता में इसलिए नहीं लौटी क्योंकि उस समय पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद नहीं हुआ था. ऐसा इस बार भी होता दिख रहा है. कार्यकर्ताओं से न तो चर्चा हो रही है और न ही उन्हें कोई सम्मान मिल रहा है. बीजेपी के कद्दावर नेता ने कहा कि 2023 में पार्टी को जिताने के लिए पार्टी को इन सभी चीजों में सुधार करना होगा. यानी उनका कहना है कि अगर अभी भी वक्त है. अगर नहीं संभले तो 2018 जैसी गलती हो सकती है.
इसके साथ ही भंवर सिंह शेखावत ने सिंधिया और उनके साथ बीजेपी में आए नेताओं पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जिनका कांग्रेस में सम्मान नहीं था तो वह बीजेपी में आ गए और बीजेपी वाले कांग्रेस में जाएंगे. बीजेपी नेता की इस तरह की बगावत के बाद राजनीतिक गलियारों में ऐसी बातें होने लगी हैं कि वह जल्द ही कांग्रेस पार्टी में शामिल होंगे. वहीं कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह तो वक्त ही बताएगा. बता दें कि कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में शामिल होने का न्यौता दिया.
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