प्रधानमंत्री की शपथ के बाद भारत-पाकिस्तान का मैच देखने में मशगूल हो गए भाजपाई
इंदौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की खुशी कल भारत-पाकिस्तान (India-Pakistan) मैच की जीत के सामने बौनी (Dwarf) साबित हुई। विधायक (MLA) और अध्यक्ष तो दिल्ली (Delhi) के बुलावे पर शपथ ग्रहण (oath taking) समारोह में चले गए और इंदौर (Indore0 में पार्टी का आयोजन करने के लिए कोई नहीं बचा। न ही मंडल में पदाधिकारियों ने जश्न मनाया और न ही नगर स्तर पर जश्न की कोई तैयारी की गई।
प्रदेश संगठन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर मंडल और जिलास्तर पर जश्न मनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक भी मंडल में कार्यक्रम नहीं हुआ। केवल रणजीत हनुमान मंदिर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के समर्थकों ने पूजा-पाठ कर आतिशबाजी की और मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाईं। मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, महेन्द्र हार्डिया, नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, जिलाध्यक्ष चिंटू वर्मा, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त सावन सोनकर, आईडीए के पूर्व अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा चले गए थे। बाकी बचे नेता और कार्यकर्ता भारत-पाकिस्तान का मैच देखने में मशगूल हो गए और कार्यालय सुनसान पड़ा रहा। यही नहीं हर बार भाजपा राजबाड़ा चौक पर भी जश्न मनाती आई है, लेकिन इस बार बड़े नेताओं के इंदौर में नहीं रहने के कारण किसी ने कोई तैयारी नहीं की। केवल विधायक मनोज पटेल अपने साथ कुछ कार्यकर्ताओं को लेकर कार्यालय पहुंचे और 15 से 20 मिनट बाद वे भी आतिशबाजी कर वहां से रवाना हो गए। एक तरह से कल का भारत और पाकिस्तान का मैच मोदी के तीसरे शपथ ग्रहण समारोह पर भारी पड़ा। वैसे इंदौर में नगर कार्यकारिणी के तीनों महामंत्री, महापौर और पार्षद मौजूद थे, जो मोदी और भाजपा के कारण ही आज इस पद पर हैं, वहीं मोर्चा-संगठन के अध्यक्ष भी शहर में ही थे, लेकिन किसी ने भी मोदी के तीसरे कार्यकाल जश्न नहीं मनाया। पहली बार ऐसा हुआ कि इतनी बड़ी उपलब्धि पर दीनदयाल भवन सूना पड़ा रहा।
©2024 Agnibaan , All Rights Reserved