- कोरोना की स्थिति के अनुसार तय होगी सत्र की तारीख
- संसदीय कार्य मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री को भेजी तारीख तय करने संबंधी फाइल
भोपाल। कोरोना संकट की स्थिति को देखते हुए विधानसभा का बजट सत्र कब से बुलाया जाएगा, यह तय होगा। संसदीय कार्य विभाग ने फरवरी के अंतिम सप्ताह से सत्र बुलाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे संसदीय कार्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भेज दिया है। मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए ही सत्र बुलाने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। यदि स्थिति नियंत्रण में आ जाती है तो फिर यह फरवरी के अंतिम सप्ताह या फिर मार्च के प्रथम सप्ताह से बुलाया जा सकता है।
संसदीय कार्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए विधानसभा में बजट प्रस्तुत करेगा। इसका 31 मार्च से पहले विधानसभा से पारित होकर विनियोग विधेयक को राज्यपाल की अनुमति मिलना आवश्यक है। सामान्य तौर पर विभागीय बजट मांगें पारित होने में 15 से ज्यादा दिन लगते हैं। इस हिसाब से ही सत्र की अवधि निर्धारित की जाती है। कोरोना की तीसरी लहर में जिस तरह से प्रकरण सामने आ रहे हैं, उसे देखते हुए अभी सत्र बुलाने के प्रस्ताव पर कोई विचार नहीं किया गया है। स्वास्थ्य विभाग से परामर्श करने के बाद इस संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि सत्र की अधिसूचना प्रथम बैठक से कम से कम तीस दिन पहले निकाली जाती है। बजट सत्र की अवधि अन्य सत्रों की तुलना में अधिक होती है इसलिए प्रश्न भी काफी लगाए जाते हैं। विभागों को इनके उत्तर तैयार करने के लिए समय मिल जाए इसलिए ही तीस दिन पहले अधिसूचना जारी करने की व्यवस्था बनाई गई है। राज्यपाल का होगा अभिभाषण
साल का प्रथम सत्र होने के कारण राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री सचिवालय ने तैयारी प्रारंभ कर दी है। सभी विभागों से पिछले एक साल की उपलब्धियों का ब्योरा मांगा गया है।