इंदौर। भाजपा कार्यालय के पास खुली शराब की दुकान को नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बंद करवा दिया और आज सुबह भी दुकान ठेकेदार ने नहीं खोली। दूसरी तरफ नगर अध्यक्ष पर कई तरह के दबाव-प्रभाव भी ठेकेदार ने डालने के प्रयास किए और यहां तक कि 10 लाख रुपए तक का ऑफर भी दे डाला। मगर अध्यक्ष मिश्रा ने ठेकेदार को दो टूक चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में शराब की दुकान भाजपा कार्यालय के पास नहीं खुलने दी जाएगी, क्योंकि कार्यालय सभी कार्यालयों के लिए मंदिर समान है। यहां तक कि अध्यक्ष ने ठेकेदार को आसपास के क्षेत्र में ही दुकान के लिए जगह भी दिखवाई।
भाजपा कार्यालय के पास गत वर्ष खुली इस दुकान को लेकर तब भी विरोध हुआ था। मगर चूंकि आबकारी विभाग ठेके दे देता है और फिर शासन-प्रशासन दुकानों को बंद नहीं करवा पाता, क्योंकि इससे राजस्व का नुकसान होता है। यही कारण है कि आसानी से शराब दुकानें शिफ्ट नहीं हो पाती है। इस बार भी जावरा कम्पाउंड की उक्त शराब दुकान का ठेका किसी अन्य ने लिया है, मगर नगर अध्यक्ष का पद संभालते ही सुमित मिश्रा ने घोषणा कर दी थी कि भाजपा कार्यालय के पास शराब दुकान नहीं खुलने दी जाएगी।
इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर आशीष सिंह को भी अवगत करा दिया था। चूंकि ठेकेदार ने अत्यधिक मूल्य चुकाकर लाइसेंस फीस जमा की इसलिए वह दुकान खुलवाने के लिए हरसंभव प्रयास करता रहा। भाजपा नेताओं से भी अध्यक्ष सुमित मिश्रा पर दबाव डलवाए और जब बात नहीं बनी तो 10 लाख रुपए तक का ऑफर दे डाला। मगर मिश्रा ने ठेकेदार को स्पष्ट कहा कि किसी भी सूरत में दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। यहां तक कि श्री मिश्रा ने इस शराब दुकान के मूल मालिक और पूर्व कांग्रेस विधायक विशाल पटेल से भी चर्चा की और उन्हें इस बात के लिए राजी किया कि वे 1 अप्रैल से इस दुकान को किराए पर शराब ठेकेदार को नहीं देंगे। हालांकि आज सुबह दुकान ठेकेदार ने विरोध के चलते खोली भी नहीं।
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