नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक (By 31st March 2026) नक्सलवाद को पूरी तरह से उखाड़ फेंकने के लिए (To completely uproot Naxalism) सरकार प्रतिबद्ध है (The Government is Committed) ।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि नक्सल समस्या अब देश के 12 जिलों से घटकर सिर्फ छह जिलों तक रह गई है। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार नक्सलवाद के प्रति निर्मम दृष्टिकोण और सर्वांगीण विकास के लिए अथक प्रयासों के साथ ‘सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत’ का निर्माण कर रही है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नक्सल मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, आज हमारे राष्ट्र ने वामपंथी उग्रवाद से सर्वाधिक प्रभावित जिलों की संख्या को 12 से घटाकर मात्र 6 तक लाकर एक नया मील का पत्थर हासिल किया। मोदी सरकार नक्सलवाद के प्रति निर्मम दृष्टिकोण और सर्वव्यापी विकास के लिए अथक प्रयासों के साथ एक सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत का निर्माण कर रही है। भारत 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से उखाड़ फेंकने के लिए दृढ़ संकल्पित है।”
बीते दिनों देश गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन बताया था। उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार ‘नक्सलमुक्त भारत’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है और 31 मार्च 2026 तक देश नक्सलमुक्त होकर रहेगा। नक्सलवाद लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन है और मोदी सरकार इसे समाप्त करने के लिए संकल्पित है। 31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद केवल इतिहास बनकर रह जाएगा, यह हमारा संकल्प है।
गृह मंत्री अमित शाह ने 30 मार्च को छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 50 नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने पर खुशी जताई है। उन्होंने नक्सलियों के सरेंडर करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति स्पष्ट है कि जो भी नक्सली हथियार छोड़कर विकास का मार्ग अपनाएंगे, उनका पुनर्वास कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
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