नई दिल्ली । नासा (NASA) के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और बुच विल्मोर (Butch Wilmore) ने पृथ्वी पर लौटने के बाद पहला इंटरव्यू दिया है। इसमें उन्होंने अपनी चुनौतियों के बारे में बातचीत की। दरअसल, बोइंग के स्पेसक्राफ्ट (Spacecraft) में आई खराबी के कारण दोनों इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर 286 दिनों तक फंसे रहे। अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के कैप्सूल से विलियम्स और विल्मोर को सुरक्षित पृथ्वी पर वापस पहुंचाया गया। वैसे तो यह मिशन महज 8 दिनों का था। इंटरव्यू में सवाल किया गया कि वे इस विफलता के लिए किसे जिम्मेदार मानते हैं? इस पर विल्मोर ने खुद को और बाकी सभी लोगों को दोषी ठहराया। हालांकि, उन्होंने उन दावों का खंडन किया जिसमें बोइंग के धोखा देने की बात कही जा रही थी।
बुच विल्मोर ने कहा, ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट के कमांडर के तौर पर मैंने कई सवाल नहीं पूछे। इसलिए मैं दोषी हूं और मैं इसे राष्ट्र के सामने स्वीकार करता हूं।’ विल्मोर के अनुसार, उन्हें इस बात का अहसास नहीं था कि उन्हें कुछ खास प्रश्न करने की आवश्यकता है। मगर, अब जब पीछे मुड़कर देखता हूं, तो इसके कुछ संकेत जरूर मिलते हैं। नासा और बोइंग की जिम्मेदारी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, ‘इसमें सभी का योगदान है क्योंकि यह मिशन योजना के अनुसार नहीं रहा। टेस्ट और तैयारी से जुड़े कई मुद्दे थे जिनके बारे में मुझे पता नहीं था।’
सुनीता विलियम्स ने ISS पर बिताए समय को कैसा बताया
इंटरव्यू के दौरान सुनीता विलियम्स ने ISS पर बिताए समय को अनमोल वैज्ञानिक अवसर करार दिया। महिला अंतरिक्ष यात्री ने कहा कि उन्होंने कई अहम प्रयोग किए। भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह फिर से अंतरिक्ष जाने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले बोइंग और नासा को इस मिशन की पूरी समीक्षा करनी चाहिए। दोनों ने उन दावों पर भी अपनी बात रखी कि उन्हें अंतरिक्ष में छोड़ दिया गया या फंसा दिया गया था। उन्होंने कहा, ‘ठीक है कि शायद हम कुछ मामलों में फंस गए थे। प्लान के अनुसार हम दोनों पृथ्वी पर नहीं पहुंच पाए।’ हालांकि, अंतरिक्ष यात्रियों ने यह भी कहा कि वे तैयार और प्रशिक्षित थे।
©2025 Agnibaan , All Rights Reserved