img-fluid

श्रीशैलम सुरंग बचाव अभियान: श्रमिकों को बचाने में बाधा बना कीचड़, 13 किमी अंदर फंसे आठ श्रमिक

  • February 23, 2025

    नई दिल्ली. तेलंगाना (Telangana) के नागरकुरनूल जिले में श्रीशैलम सुरंग (Srisailam tunnel) नहर परियोजना के निर्माणाधीन खंड की छत का एक हिस्सा ढह जाने से आठ मजदूर (eight workers) अंदर फंस गए हैं और उन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान बड़े पैमाने पर जारी है। लेकिन श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग में बचाव अभियान को रविवार सुबह बड़ा झटका लगा है। जब राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों के सामने सुरंग के ढह चुके हिस्से तक पहुंचने में बड़ी दिक्कतें खड़ी हो गई।


    अंदर जाने के सभी रास्ते बंद
    बचाव अभियान की जानकारी देते हुए, एसडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया कि सुरंग के अंदर जाने का कोई रास्ता नहीं है। छत ढह जाने से अंदर जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है और घुटनों तक कीचड़ भी भरा हुआ है। इसके बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल, सिंगरेनी कोलियरीज के अधिकारियों के साथ सुरंग के ढह चुके हिस्से का निरीक्षण करने के बाद वापस लौट गए।

    वहीं सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकाले के दूसरे प्रयासों पर काम हो रहा है। मामले में तेलंगाना के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार विशेषज्ञों की मदद ले रही है, जिनमें पिछले साल उत्तराखंड में इसी तरह की घटना में फंसे श्रमिकों को बचाने वाले लोग भी शामिल हैं।

    कैसे हुआ हादसा
    शनिवार सुबह टनल बोरिंग मशीन के साथ पहली शिफ्ट में 50 से अधिक लोग सुरंग के अंदर गए थे। वे टनल के अंदर 13.5 किलोमीटर तक गए, इसी दौरान पानी के तेज बहाव के चलते सुरंग का एक हिस्सा अचानक ढह गया। इस दौरान मशीन के आगे चल रहे 2 इंजीनियर समेत छह मजदूर वहां फंस गए, जबकि 42 कर्मचारी सुरंग के बाहरी गेट की ओर भागे और बाहर निकलने में सफल रहे। बताया जा रहा है कि अचानक पानी के साथ मिट्टी बहकर आने लगी और सुरंग का ऊपरी हिस्सा ढह गया।
    इन राज्यों के लोग सुरंग के अंदर फंसे
    इस मामले में राज्य सरकार सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की भी मदद ले रही है। फंसे हुए लोगों में से दो इंजीनियर, दो ऑपरेटर और चार अन्य मजदूर हैं। ये सभी उत्तर प्रदेश, झारखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। सूत्रों ने बताया कि फंसे हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरंग में सांस लेने के लिए हवा का प्रबंध किया गया है। ईटीएफ विशेषज्ञ इंजीनियरिंग टीमें, सेना चिकित्सा कोर के फील्ड एम्बुलेंस से एक मेडिकल टुकड़ी, कुछ एम्बुलेंस, तीन उच्च क्षमता वाले पंपिंग सेट, बख्तरबंद होज और अन्य सहायक उपकरण से लैस है।

    सरकार की ओर से किए गए ये इंतजाम
    मामले में नागरकुरनूल से कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने बताया कि, एनडीआरएफ हैदराबाद से 145 लोग आए हैं। एसडीआरएफ से 120 लोग आए हैं, वे उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। सुरंग के अंदर ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। अंदर पानी है, पानी निकालने के लिए 100 एचपी का पंप आ रहा है और 250 केवी का बड़ा जनरेटर भी लाया जा रहा है। अंदर फंसे लोगों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

    Share:

    MP : आज बागेश्वर धाम में चिकित्सा संस्थान की आधारशिला रखेंगे पीएम नरेंद्र मोदी

    Sun Feb 23 , 2025
    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) रविवार से मध्यप्रदेश (MP), बिहार (Bihar) और असम (Assam) के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह मध्य प्रदेश में वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और बिहार में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को नकद सहायता की 19वीं किस्त जारी करेंगे। पीएम मोदी के दौरे […]
    सम्बंधित ख़बरें
    खरी-खरी
    गुरुवार का राशिफल
    मनोरंजन
    अभी-अभी
    Archives

    ©2025 Agnibaan , All Rights Reserved