
- सिंहस्थ मेला क्षेत्र का वर्चुअल टूर एप के माध्यम से कराया जाएगा
उज्जैन। उज्जैन सिंहस्थ को सरकार डिजिटल बनाने पर जोर दे रही है। इसके लिए आईटीएमएस जंक्शन सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। इसमें ऑल इन वन ऐप भी बनाया जाएगा, जिसमें ड्रोन सर्विस, यातायात एवं वाहन प्रबंधन, मानव संसाधन और कार्य प्रगति की जानकारी की सुविधा मिल सकेगी।
उल्लेखनीय है कि साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ मेला लगेगा जिसकी तैयारियाँ प्रदेश सरकार ने शुरु कर दी हैं। स्थानीय प्रशासन को 15 अप्रैल 2025 तक उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर काम भी शुरू हो गया हैं। खास बात यह है कि सिंहस्थ 2028 में उज्जैन पहुँचने वाले श्रद्धालुओं के क्राउड मैनेजमेंट, मेला क्षेत्र, स्वास्थ्य सुविधाएँ, सुरक्षा, शौचालय और पानी समेत अन्य सुविधाओं के लिए अधिकारी क्या रणनीति तैयार कर रहे हैं। इसकी फाइनल डीपीआर 15 अप्रैल 2025 तक तैयार हो जाएगी। बता दें कि, सिंहस्थ मेला क्षेत्र में नगर विकास योजना की कार्ययोजना तैयार कर कार्य की शुरुआत जून, 2025 से युद्ध स्तर पर की जाएगी। इसमें प्राथमिकता से मेला क्षेत्र में 200 एमएलडी पेयजल क्षमता का विकास किया जाएगा। सीवर नेटवर्क डिजाइन के अंतर्गत सिंहस्थ के दौरान मेला क्षेत्र में 160 एमएलडी का सीवरेज जनरेशन होगा, जिसमें 100 एमएलडी क्षमता के स्थाई एसटीपी निर्माण किए जाएँगे और अस्थाई रूप से 60 एमएलडी क्षमता के सीवरेज का निष्पादन किया जाएगा। वहीं सिंहस्थ मेला क्षेत्र का वर्चुअल टूर एप के माध्यम से कराया जाएगा। सिंहस्थ के समय आईटीएमएस पुलिस विभाग को सौंपा दिया जाएगा। सिंहस्थ में फेस रिकग्निशन, अलर्ट सिस्टम, फायर अलार्म के सभी सॉफ्टवेयर एमपीएसईडीसी द्वारा विकसित किए जाएँगे।