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राजबाड़ा के बदहाल यातायात को सुधारने के लिए चाहिए सिग्नल और कैमरे

January 31, 2025

दुकानदार परेशान, दिनभर लगने वाले जाम के कारण प्रभावित हो रहा है कारोबार

इंदौर। प्रदेश (State) के सबसे बड़े शहर इंदौर (Indore) को यातायात (traffic) की दृष्टि से नंबर वन शहर बनाने के दावों के बीच में शहर के हृदय स्थल राजबाड़ा (Rajbada) पर यातायात की बदहाली नहीं सुधर पा रही है। इस क्षेत्र को ट्रैफिक सिग्नल और यातायात के नियम तोडऩे वालों को पकडऩे के लिए सीसीटीवी कैमरे की जरूरत महसूस हो रही है। इस क्षेत्र के दुकानदार दिनभर यहां लगने वाले जाम से परेशान हैं। इस जाम के कारण उन लोगों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।


प्रतिदिन राजबाड़ा पैलेस देखने एवं राजबाड़ा के आसपास स्थित बाजार में खरीदारी करने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक आते-जाते रहते हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में वाहन चालक भी गंतव्य तक जाने के लिए इस क्षेत्र से गुजरते हैं। देखा जा रहा है कि राजबाड़ा चौक के आसपास ट्रैफिक व्यवस्थाओं का प्रबंधन सही रूप से नहीं हो पा रहा है। इस क्षेत्र के दुकानदारों से जब बातचीत की गई तो उनका कहना था कि राजबाड़ा क्षेत्र में यातायात की बुरी स्थिति के कारण उन्हें भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग मना करने के बावजूद अपने वाहन उनकी दुकानों के सामने खड़ा कर देते हैं, जिससे दुकानों के अंदर आने-जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ट्रैफिक जाम भी दिन में कई बार हो जाता है। कई बार यह भी स्थिति बन जाती है कि कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी न होने के कारण स्वयं दुकानदार को अपनी दुकान छोडक़र जाम को सही करवाना पड़ता है। इन दुकानदारों ने यह भी बताया कि इस मामले में फरियाद करने के बाद एक हफ्ते तक व्यवस्थाएं सही हो जाती हैं, परंतु वापस वही हाल हो जाता है, जैसा पहले होता था। दुकानदारों का यह भी कहना है कि राजबाड़ा चौक के आसपास कोई यातायात का सिग्नल न होने तथा नियम तोडऩे वालों की धरपकड़ के लिए कोई कैमरा न होने की वजह से लोग कहीं से भी छोटी सी जगह से गाड़ी निकालने का प्रयास करने के चक्कर में जाम लगा देते हैं। ऐसे में वाहन चालक लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए दुकानदारों के बाहर लगे सामानों को गिराकर निकल जाते हैं, जिससे कई बार दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ता है। इस क्षेत्र में यदि ट्रैफिक सिग्नल लगा दिया जाए और सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से यातायात के नियम तोडऩे वालों पर कार्रवाई करने की व्यवस्था कर दी जाए, तब जाकर यहां का यातायात बेहतर हो सकता है।

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