नई दिल्ली। भारतीय अरबपतियों (Indian billionaires) में इस साल अबतक कमाई के मामले में अडानी (Adani) कहीं नहीं हैं और अंबानी करीब 3 अरब डॉलर कमा चुके हैं। यहां कमाई से आशय नेटवर्थ से है। अब सवाल उठता है अडानी (Adani) नहीं, अंबानी (Ambani) नहीं तो फिर कौन? तो चलिए यह भी जान लीजिए कि इस साल अबतक भारत (India) में किस शख्स पर लक्ष्मी मेहरबान हुईं और दौलत की बारिश की हैं। इस बार शिव नादर और सावित्री (Shiv Nadar and Savitri) कमाई के मामले में अडानी-अंबानी से काफी आगे निकल चुके हैं।
कौन हैं शिव नादर
शिव नादर एचसीएल टेक्नोलॉजीज के संस्थापक हैं और इनके पास कंपनी के सबसे अधिक शेयर हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में शिव नादर 36वें स्थान पर हैं और इनकी कुल संपत्ति 43.3 अरब डॉलर है। इस साल 5 दिसंबर, 2024 तक शिव नादर का नेटवर्थ 27.9% या 9.45 अरब डॉलर बढ़ चुकी है।
कहां से आती है दौलत
नई दिल्ली स्थित एचसीएल एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और आउटसोर्सिंग प्रदाता है। इस कंपनी का 31 मार्च, 2024 तक के साल में रेवेन्यू 13.3 अरब डॉलर था। नादर की अधिकांश संपत्ति सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली एचसीएल टेक्नोलॉजीज में है। वह और उनका परिवार प्रमोटर समूहों के माध्यम से कंपनी का 61% हिस्सा नियंत्रित करते हैं। अक्टूबर 2024 के बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार उनके पास कंप्यूटर निर्माता और सेवा कंपनी एचसीएल इंफोसिस्टम्स का 63% हिस्सेदारी भी है।
भारत की सबसे धनी महिला हैं सावित्री जिंदल
अपने नौ बच्चों के साथ, सावित्री जिंदल भारत की सबसे धनी महिला हैं और अपने दिवंगत पति ओम प्रकाश जिंदल द्वारा स्थापित एक विशाल समूह ओ.पी. जिंदल समूह को नियंत्रित करती हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में सावित्री जिंदल 51वें स्थान पर हैं। उनकी कुल संपत्ति 34 अरब डॉलर है। 5 दिसंबर, 2024 तक उनकी संपत्ति में 37.6% या 9.29 अरब डॉलर का उछाल आया। नई दिल्ली स्थित यह कंपनी इस्पात उत्पादन, खनन, बिजली उत्पादन, औद्योगिक गैसों और बंदरगाह सुविधाओं में शामिल है।
अडानी लूजर की लिस्ट में तो अंबानी गेनर में काफी पीछे
ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में मुकेश अंबानी का नेटवर्थ 5 दिसंबर तक 99.3 अरब डॉलर था और पिछले एक साल में उनकी संपत्ति में केवल 2.98 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। अंबानी इस रैकिंग में 17वें स्थान पर हैं। 19वें स्थान पर काबिज भारत ही नहीं एशिया के दूसरे सबसे रईस गौतम अडानी की संपत्ति अब 85.5 अरब डॉलर रह गई है।
इस साल की शुरुआत में हिंडनबर्ग के हमलों से ग्रुप के शेयर टूटे तो नेटवर्थ और रैंकिग में गिरावट आई। हिंडनबर्ग के चोटों से उबरे तो पिछले महीने से अमेरिकी न्याय विभाग में चल रहा रिश्वतखोरी मामला उठने नहीं दिया। अडानी इन दिक्कतों के चलते इस साल 1.62 अरब डॉलर गंवा चुके हैं।
©2025 Agnibaan , All Rights Reserved