इंदौर। माहे रमजान (Ramadan) में अल्लाह की इबादत (Worship of Allah) 30 दिन भूखे-प्यासे (hungry and thirsty) रहकर करने के बाद आज का दिन ईद (Eid) की बेइंतहा खुशियां लेकर आया है। देश के साथ ही पूरे शहर में ईद-उल-फितर (eid ul fitr) का पर्व मुस्मिल समाज ने एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हुए उत्साह और उमंग के साथ मनाया। सदर बाजार मुख्य ईदगाह पर शहर काजी की उपस्थिति में विशेष नमाज अता की गई, जहां हजारों लोगों ने सिर झुकाकर देश और शहर में अमन-चैन की दुआ की।
इस मौके पर शहर काजी डा. इशरत अली ने अपनी तकरीर में समाजजनों से कहा कि जिस तरह से हमारा शहर स्वच्छता में सात बार नंबर वन रहा, इसी तरह कोशिश करना चाहिए कि नशामुक्ति में भी हम अव्वल आएं। आज नौजवान नशे की लत में पडक़र अपनी जिंदगी खत्म कर रहा है। हम सबकी कोशिश होना चाहिए कि नशा बेचने वालों की खबर पुलिस को दें। नौजवानों को नशे की लत से छुड़ाना पहली जरूरत है। नशे से परिवार टूट रहे हैं। ईद की नमाज के बाद शहर काजी को गले मिलकर मुबारकबाद दी और एक-दूसरे को भी मुबारकबाद दी गई। शहर में मुस्लिम समाजजनों को मुबारकबाद देने के लिए राजनीतिक पार्टियों के कई नेता मौजूद रहे। साथ ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने भी मुबारकबाद पेश की। सदर बाजार ईदगाह के अलावा छोटी ग्वालटोली स्थित छावनी ईदगाह पर ईद की नमाज अता हुर्ई। यहां नमाज के लिए ईदगाह छोटी पड़ गई और सडक़ पर ही नमाज अता करना पड़ी।
यहां पर भी अता हुई ईद-उल-फितर की नमाज
जामा मस्जिद बड़वाली चौकी, बड़ी मस्जिद, मस्जिद गफूर खां की बजरिया, सिकंदराबाद मस्जिद, मस्जिद हाथीखाना, मोती तबेला मस्जिद , गोशुलवरा मस्जिद जूना रिसाला, बाणगंगा कब्रिस्तान मस्जिद, गरीब नवाज गौसिया मस्जिद, किशनपुरा, औलिया मस्जिद, पीर गली सहित शहर की अन्य इबादतगाह पर ईद की विशेष नमाज अता की गई। बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
पानी की हिफाजत करें… भाईचारे के साथ रहें…
शहर काजी ने कहा कि पानी की हिफाजत करना जरूरी है। भूजल स्तर गिर रहा है। आने वाले समय में पानी की किल्लत हो सकती है, इसलिए पानी की हिफाजत करें और जरूरत के हिसाब से ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि हमें अपने अखलाक को अच्छा और बुलंद रखना पड़ेगा। हमसाया कौम के साथ भाईचारे के साथ रहना चाहिए। एक-दूसरे के सुख-दु:ख में शामिल होना चाहिए। हमसाया कौम से जिस तरह की हमें उम्मीद रहती है, हमें भी वैसा ही सुलूक उनके साथ रखना चाहिए।
आपसी मसले समाज में ही सुलझाएं
समाज में आज छोटी-छोटी बातों पर घर-परिवार बिखर रहे हैं। मामूली बातों को लेकर पुलिस और अदालत के चक्कर लगा रहे हैं। हमें चाहिए कि सभी तरह के मसले समाज में ही सुलझा लिए जाएं। अब तो अदालतें भी हर समाज में सुलह सेंटर खोल रही हैं। हमें इन सेंटरों पर अपने मसले सुलझाकर समय और पैसे की बर्बादी से बचना चाहिए। इंदौर में मुस्लिम समाज के सात सेंटर चल रहे हैं। यहां पर हाईकोर्ट द्वारा प्रशिक्षित मध्यस्थ मामलों को सुलझा रहे हैं।
लड़कियों के लिए सिलाई केंद्र खोला
लडक़ी और महिलाओं के लिए सिलाई केंद्र खोला गया है। ईदगाह कमेटी इस केंद्र को संचालित कर रही है। इस केंद्र में प्रशिक्षित शिक्षिका महिलाओं और लड़कियों को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई आदि का नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रही है। अवाम से गुजारिश है कि इस सिलाई केंद्र का फायदा उठाएं।
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