नई दिल्ली. प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आज से दो दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब (Saudi Arabia) पहुंचेंगे. वे वहां 23 अप्रैल तक रहेंगे. पीएम मोदी को इस यात्रा का न्योता क्राउन प्रिंस ( Crown Prince) और प्रधानमंत्री (PM) मोहम्मद बिन सलमान (Mohammed bin Salman) ने दिया है. 2016 और 2019 के बाद पीएम मोदी की ये सऊदी अरब की तीसरी यात्रा है.
प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार दोपहर जेद्दा पहुंचेंगे. यह जेद्दा की किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा 40 वर्षों में पहली यात्रा होगी. मंगलवार को पहले दिन भारत और सऊदी अरब कम से कम छह सहमति पत्रों (MoUs) पर हस्ताक्षर करेंगे. सूत्रों के अनुसार, कुछ अन्य समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत चल रही है. सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद के साथ बैठक में हज से संबंधित मुद्दों, विशेष रूप से भारतीय तीर्थयात्रियों के कोटे को लेकर चर्चा करेंगे.
दोनों देशों के बीच जिन समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, उनमें अंतरिक्ष, ऊर्जा, स्वास्थ्य, विज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान, संस्कृति और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र शामिल हैं.
देर रात तक होती रहीं बैठकें
एक अधिकारी ने बताया, सोमवार देर रात तक रियाद में बैठकों का दौर जारी रहा, ताकि विवरणों को अंतिम रूप दिया जा सके. एक दर्जन से ज्यादा सहमति पत्रों पर चर्चा चल रही है, जिनमें से कुछ पर आधिकारिक स्तर पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.
एक फैक्ट्री का दौरा भी करेंगे पीएम मोदी
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से 24 घंटे पहले व्यापार, निवेश और रक्षा से संबंधित अतिरिक्त समझौतों को अंतिम रूप देने के प्रयास तेज कर दिए गए थे. बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी उन फैक्ट्रियों में से एक का दौरा भी करेंगे, जहां भारतीय श्रमिक कार्यरत हैं. पीएम मोदी की यह यात्रा अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सऊदी अरब यात्रा से पहले हो रही है.
सऊदी अरब में भारत के राजदूत सुहेल अजाज खान ने बताया, जेद्दा भारत और सऊदी अरब के बीच संपर्क का एक बेहद अहम शहर है क्योंकि सदियों से यह दोनों देशों के बीच व्यापार का प्रमुख बंदरगाह रहा है. साथ ही यह मक्का का प्रवेश द्वार भी है. उमरा और हज के लिए आने वाला हर व्यक्ति पहले जेद्दा पहुंचता है और फिर मक्का जाता है.
हज यात्रा पर भी होगी बात
उन्होंने आगे कहा, हज एक अत्यंत महत्वपूर्ण यात्रा है और भारत सरकार इसे बहुत गंभीरता से लेती है. अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय इस आयोजन की व्यवस्था करता है. द्विपक्षीय वार्ताओं में इस विषय पर विस्तृत चर्चा होती है. हज को लेकर भारत और सऊदी सरकार के बीच हमेशा अच्छा तालमेल रहा है.
भारत का हज कोटा 2014 में 1,36,020 था, जो 2025 के लिए बढ़कर 1,75,025 हो गया है. इनमें से 1,22,518 तीर्थयात्रियों की व्यवस्था पूरी कर ली गई है. हालांकि, कॉम्बाइंड हज ग्रुप ऑपरेटर्स द्वारा अनुबंधों में देरी के चलते इस वर्ष लगभग 42,000 भारतीय तीर्थयात्री हज नहीं कर पाएंगे.
प्रधानमंत्री मोदी और क्राउन प्रिंस इस दौरान 2019 में स्थापित रणनीतिक साझेदारी परिषद की दूसरी बैठक की संयुक्त अध्यक्षता करेंगे, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है. पीएम मोदी को 2016 में सऊदी अरब का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया था.
साल 2023 में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस नई दिल्ली की राजकीय यात्रा पर आए थे. उन्होंने G20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था और भारत-सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद की पहली बैठक की सह-अध्यक्षता की थी. बताते चलें कि भारत और सऊदी अरब के बीच घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं. दोनों देशों के बीच सामाजिक-सांस्कृतिक और व्यापारिक संपर्कों का लंबा इतिहास है. नई दिल्ली और रियाद राजनीतिक, रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्कों सहित विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत द्विपक्षीय संबंध साझा करते हैं.
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