उज्जैन। हरिफाटक ब्रिज से लेकर इंदौर के अरबिंदो अस्पताल तक लगभग 47 किमी के दायरे में पुराने फोरलेन मार्ग को सिक्सलेन बनाया जा रहा है। कुछ दिन पहले निर्माण के लिए त्रिवेणी स्थित पुराने ब्रिज का नदी के ऊपर वाला भाग तोड़ा गया था। इसका मलबा अभी भी पूरी तरह से नहीं हट पाया है। उज्जैन क्षेत्र में यह काम अलग-अलग हिस्सों में हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क को सिक्सलेन में बदला जा रहा है। इस पर 1692 करोड़ रुपए की राशि खर्च हो रही है। यह काम महाकाल हाईवे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को सौंपा गया है। 19 सितंबर को राष्ट्रपति द्रोपदि मुर्मू इसका भूमि पूजन करने आई थी। उसके बाद से अलग अलग भागों में ठेका कंपनी ने काम शुरु कर दिया था। योजना के मुताबिक उज्जैन-इंदौर के बीच मौजूदा फोरलेन सड़क जो अभी 8.5 बाय 8.5 मीटर की दो अलग अलग लेन है जिसकी कुल चौड़ाई 17 मीटर है। इसे बढ़ाकर सिक्सलेन में तब्दिल करने के लिए दोनों तरफ से 4-4 मीटर की चौड़ाई बढ़ाई जा रही है। जिससे सिक्सलेन सड़क 12.5 बाय 12.5 मीटर अर्थात 25 मीटर की हो जाएगी। इंदौर के अरबिंदो अस्पताल के चौराहे से लेकर उज्जैन तक अलग अलग भागों में सड़क निर्माण का प्रारंभिक कार्य चल रहा है। इसके लिए त्रिवेणी क्षेत्र में शिप्रा नदी पर बने पुराने ब्रिज को पिछले दिनों तोड़ा गया था। इसका मलबा अभी भी नदी में नजर आ रहा है और हटाने का काम चल रहा है। जगह जगह काम चलने से इस मार्ग को कई जगह डायवर्ट किया गया है। सिंहस्थ 2028 से पहले इस कार्य को पूरा करना है।
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