भोपाल: भारत में पिछले कुछ समय से क्राइम (Crime) के मामले काफी बढ़ गए हैं. ऐसे में लोग अब पुलिस (Police) से मदद लेने के लिए तुरंत ही इमरजेंसी नंबर (Emergency Number) डायल करते हैं. अभी तक मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में किसी तरह की इमरजेंसी होने पर लोग सौ (100) नंबर डायल करते थे. लेकिन अब ऐसा करने पर पुलिस नहीं आएगी. दरअसल, यूरोपीय देशों की तरह अब एमपी में भी इमरजेंसी होने पर लोगों को नेशनल इमरजेंसी नंबर डायल करना होगा.
मध्यप्रदेश में अब सौ की जगह लोगों को अब 112 डायल करना होगा. नए एफआरवी यानी फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल को अब एक सौ बारह से जोड़ा जा रहा है. इससे अब लोगों को अलग-अलग जरूरतों में अलग नंबर याद रखने की जरुरत नहीं होगी. लोग आसानी से एक ही नंबर डायल कर अपनी समस्या साझा कर सकेंगे. इससे पुलिस को भी रिस्पॉन्स देने में कम समय लगेगा.
सर्वे के अनुसार शहरों में सौ डायल करने पर पुलिस बीस से पच्चीस मिनट में आती थी. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में आधे घंटे कला समय लगता था. लेकिन अब इमरजेंसी की स्थिति में एफआरवी पहले के मुकाबले दस मिनट पहले आ जाएगी. इसे लेकर राज्य के 55 जिलों में 1200 नए एफआरवी का टेंडर भी जारी कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि रिस्पॉन्स टाइम घटने की वजह से लोगो को काफी आराम हो जाएगा.
विदेशों में जब भी किसी को खतरा महसूस होता है, वो झट से ,इमरजेंसी नंबर डायल कर मदद मांगते हैं. भारत में भी इसी तर्ज पर इमरजेंसी सेवा की शुरुआत की गई. इसके लिए अलग-अलग स्थितियों के लिए अलग नंबर थे. लेकिन अब एक ही नंबर होने से लोगों को काफी आसानी हो जाएगी. अभी तक इस सुविधा का लाभ साढ़े आठ करोड़ से अधिक लोग उठा चुके हैं. इनमें से दो करोड़ के करीब लोगों की मदद के लिए फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल आई थी.
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