नई दिल्ली। सिंगापुर और अन्य देशों की तरह अब न्यूजीलैंड भी लेनदेन के लिए यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल कर सकता है। वह कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए भारत के साथ यूपीआई पर शुरुआती चर्चा कर रहा है। वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) ने मंगलवार को कहा, दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन के लिए न्यूजीलैंड में यूपीआई की शुरुआत पर विचार चल रहा है। दोनों देश न्यूजीलैंड से लकड़ी के लट्ठों के आयात की अनुमति देने के तरीकों पर भी विचार कर रहे हैं।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) और न्यूजीलैंड के व्यापार-निर्यात (trade-export) विकास मंत्री डेमियन ओ कॉनर के बीच द्विपक्षीय बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा हुई। मंत्रालय ने कहा, मंत्रियों ने यूपीआई प्रणाली के संबंध में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) व पेमेंट्स न्यूजीलैंड के बीच आरंभिक चर्चा का स्वागत किया। इस बात पर भी सहमति जताई कि दोनों पक्षों को इस मुद्दे पर विमर्श जारी रखना चाहिए।
दोनों नेता इस पर भी सहमत हुए कि न्यूजीलैंड (new zealand) में यूपीआई की शुरुआत से दोनों देशों के बीच व्यापार करना सुगम होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उधर, दोनों देशों में नागरिक उड्डयन में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर हुए। यूएई, भूटान,नेपाल पहले ही यूपीआई भुगतान प्रणाली को अपना चुके हैं। एनपीसीआई इंटरनेशनल अमेरिका, यूरोपीय देशों और पश्चिम एशिया में यूपीआई सेवाओं के विस्तार के लिए बातचीत कर रहा है।
भारत से 54.8 करोड़ डॉलर का निर्यात
मंत्रालय ने कहा, भारत ने हाल ही में न्यूजीलैंड को आम का निर्यात शुरू किया है। दोनों पक्षों ने कीवी फल सहित बागवानी, कृषि, दवा, प्रसंस्करण, भंडारण व परिवहन के क्षेत्र में संभावित तकनीकी सहयोग पर चर्चा की। न्यूजीलैंड को भारत का निर्यात 2021-22 के 48.76 करोड़ डॉलर से बढ़कर 2022-23 में 54.8 करोड़ डॉलर हो गया। आयात भी 2021-22 के 37.5 करोड़ डॉलर से बढ़कर 2022-23 में 47.8 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया।
©2025 Agnibaan , All Rights Reserved