मंदसौर। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मंदसौर जिला अस्पताल (Mandsaur District Hospital) के फीमेल मेडिकल वार्ड (Female medical ward) के बाथरूम में एक वृद्ध महिला मरीज की खून से सनी लाश मिली। परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ को इसकी सूचना दी। मेडिकल स्टाफ ने जांच की तो महिला की मौत हो चुकी थी। जब महिला को चेकअप के लिए एमरजेंसी वार्ड में लाए तो इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने गंदगी से सने बाथरूम को कुछ ही मिनट में चकाचक कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि बाथरूम में गंदगी होने के कारण महिला जब शौच के लिए गई होगी तो गिर गई होगी। इसी कारण मौत हुई है। अगर अस्पताल में साफ-सफाई होती तो ये हादसा नहीं होता।
जानकारी के अनुसार अवंताकुंवर पति शंभुसिंह निवासी ग्राम पलासिया थाना भावगढ़ (70) को उपचार के लिए जिला अस्पताल में 31 मार्च को भर्ती किया था। यहां महिला का उपचार चल रहा था। 1 अप्रैल को महिला के स्वास्थ्य में सुधार था। इसलिए महिला वार्ड में घूम रही थी। तभी महिला की पौती अपने बच्चे को लेकर कुछ सामान लेने बाहर गई, लेकिन वापस लौटी तो अवंताबाई नही दिखी। तभी अटेंडर महिला ने अपने भाई रामसिंह को बुलाया।
दोनों ने अस्पताल में दादी अवंताकुंवर को तलाश किया। लेकिन वो कहीं नहीं दिखी। इसके बाद गार्ड को बोला तो उसने पुलिस को सूचना देने के लिए कहा। लेकिन जब बाथरूम की और जाकर देखा तो यहां अंदर से दरवाजा बंद था। धक्का देकर दरवाजा खोला तो अंदर खून से लथपथ हालत में अवंताकुंवर गंदगी में पड़ी हुई मिली। इसे तत्काल उठाकर वार्ड के मेडिकल स्टाफ को बुलाया। इस दौरान महिला का चेकअप किया तो उसकी सांसें थम चुकी थीं। इसके बाद मौके पर मौजूद स्टाफ ने अपने अन्य जिम्मेदारों को तत्काल फोन पर सूचना दी। इसके बाद तत्काल बाथरूम और वार्ड में हाथों हाथ साप-सफाई कर इसे क्लीन कर दिया गया।
मृतका अवंताकुंवर के पोते रामसिंह ने आरोप लगाया कि वार्ड के बाथरूम में गंदगी होने के कारण उसकी दादी जब शौच करने के लिए गई तो गिर गई। जब कई देर तक दादी बिस्तर पर नहीं पहुंची तो बहन ने इसकी सूचना मुझे दी। वार्ड के बाथरूम का दरवाजा खोलकर देखा तो अंदर गंदगी के बीच खून से लथपथ हालत में दादी फर्श पर पड़ी हुई मिली। इसके बाद वार्ड के स्टाफ ने बाथरूम सहित वार्ड में पोछा लगाया।
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