भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ईद (Eid) के जश्न के बीच केंद्र सरकार (Central Government) के वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) के खिलाफ काली पट्टी बांधकर (Black Bands) विरोध प्रदर्शन किया गया. इसके अलावा, लोग फिलिस्तीन के साथ एकजुटता व्यक्त करने वाली तख्तियां लगाए दिखे. इसको लेकर सोमवार (31 मार्च) को सत्तारूढ़ बीजेपी (BJP) और विपक्षी कांग्रेस (Congress) के बीच बहस छिड़ गई. एमपी में ईद का जश्न पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया. हालांकि समुदाय के कुछ सदस्यों ने वक्फ अधिनियम में संशोधन करने के केंद्र सरकार के कदम के खिलाफ विरोध जताने के लिए काली पट्टी बांधी, जबकि यहां एक जगह कुछ लोगों ने एक समूह को ‘मैं फिलिस्तीन के साथ खड़ा हूं’ की तख्तियां प्रदर्शित कीं.
बीजेपी सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि विभाजनकारी बयानबाजी करके हिंसा भड़काने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, “कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने संसद में फिलिस्तीन का बैग लेकर लोगों की भावनाओं को भड़काया. विपक्षी नेताओं को तुष्टीकरण की राजनीति के लिए इतना नीचे गिरने पर शर्म आनी चाहिए.”
विश्वास सारंग ने कहा, “जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे थे, तब प्रियंका दीदी के पास उन हिंदुओं का समर्थन करने का समय नहीं था. ईद पर बैनर दिखाकर देश में अराजकता फैलाने की ऐसी कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी.”
इतना ही नहीं, बीजेपी सराकर में मंत्री सारंग ने कहा कि इन तत्वों को समझना चाहिए कि अगर उन्हें भारत से फायदा हो रहा है, तो उन्हें भारतीयों की तरह सोचना भी चाहिए. ऐसी विभाजनकारी सोच को स्वीकार नहीं किया जाएगा. वक्फ (संशोधन) विधेयक को पढ़े बिना उसका विरोध करना गलत है.
खेल मंत्री ने आगे कहा, ‘‘वक्फ से किसी गरीब मुसलमान को फायदा नहीं हुआ है. अवैध रूप से जमीन हड़पने में शामिल केवल अमीर मुस्लिम नेताओं को ही वक्फ बोर्ड से फायदा हुआ है.’’
विश्वास सारंग पर पलटवार करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने कहा, ”फिलिस्तीन हमारा दुश्मन नहीं है. आज अगर कोई मुस्लिम भाई ईद पर फिलिस्तीन के बारे में अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहा है, तो इसमें गलत क्या है? इस मुद्दे को राजनीति नहीं, बल्कि मानवता का मामला माना जाना चाहिए.’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सारंग विकास की बात नहीं करते हैं. उन्होंने कहा,‘‘आज जब बिजली के बिल और संपत्ति कर बढ़ रहे हैं, तो वे इस पर चर्चा नहीं कर रहे. इसके बजाय, वे हिंदुओं और मुसलमानों को विभाजित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. फिलिस्तीन (गाजा) जाकर वहां का माहौल देखें कि वहां किस तरह की बर्बरता हुई है.’’
इससे पहले, एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि यहां कई लोग वक्फ अधिनियम संशोधन के विरोध में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करते देखे गए, जबकि एक मस्जिद में कुछ लोगों ने ‘मैं फिलिस्तीन के साथ खड़ा हूं’ की तख्ती थामी थी.
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