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‘खुद को सद्दाम हुसैन समझते थे जगन मोहन’, ‘शीशमहल’ को लेकर पूर्व CM पर भड़के चंद्रबाबू के बेटे नारा लोकेश

  • March 20, 2025

    डेस्क: आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी द्वारा बनाए गए ‘शीशमहल’ को लेकर बवाल मचा हुआ है. सीएम चंद्रबाबू नायडू समेत बीजेपी और कांग्रेस के नेता इसको लेकर जगन मोहन पर हमलावर हैं. इस बीच टीडीपी नेता और सीएम चंद्रबाबू के बेटे नारा लोकेश ने कहा कि जगन मोहन रेड्डी सोचते थे कि वह आंध्र प्रदेश के सद्दाम हुसैन हैं.

    नारा लोकेश ने कहा,’ यह आंध्र प्रदेश के पर्यटन विभाग का एक प्रोजेक्ट था, जिसे बाद में शीशमहल में बदल दिया गया. पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन सोचते थे कि वह आंध्र प्रदेश के सद्दाम हुसैन हैं और 30 साल तक सत्ता में बने रहेंगे.’

    टीडीपी नेता ने कहा, ‘मेरे दादा मुख्यमंत्री थे, मेरे पिता भी मुख्यमंत्री हैं, लेकिन मैंने कभी इतने बड़े कमरे नहीं देखे. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्य पर 200 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है और वहां शीशमहल वहां बनवा दिया गया.’ उन्होंने कहा कि YSRCP चीफ का परिवार भी छोटा है. उनकी बहन और मां को परिवार से बाहर निकाल दिया गया है. एक घर में चार लोगों के रहने के लिए 700 करोड़ रुपये खर्च किए गए. यहां तक प्रधानमंत्री के पास भी इतना बड़ा घर नहीं है.


    विशाखापट्टनम में रशिकोंडा हिल्स पर पहाड़ काटकर एक बंगला बनाया गया है. जगन मोहन के सीएम रहते हुए इसका निर्माण हुआ था. इसे बनाने में करीब 500 करोड़ रुपये खर्च हुए. टीडीपी का आरोप है कि इस बंगले के निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है. इस हवेली में लगाए गए बाथटब की कीमत 40 लाख रुपये और एक-एक कमोड 10-10 लाख रुपये से ज्यादा का है. आरोप यह भी है कि इस बंगले को बनाने में पर्यावरण नियमों को भी ताक पर रख दिया गया. अब देखना होगा कि नायडू सरकार इस बंगले को लेकर जगन मोहन के खिलाफ क्या एक्शन लेती है और इस बंगले का इस्तेमाल किस तरह करती है?

    सद्दाम हुसैन इराक का तानाशाह था और उसने 1979 से लेकर 2003 तक देश पर शासन किया. सद्दाम हुसैन को सामूहिक हत्याओं और कई दमनकारी कृत्यों के लिए जिम्मेदार माना जाता है. सद्दाम ने कई देशों पर हमला किया था, जिसमें लाखों की मौत हो गई थी. दिसंबर, 2003 में अमेरिकी सेना ने सद्दाम हुसैन को पकड़ लिया था. उस पर कई मुकदमे चलाए गए और फिर दुजैल नरसंहार के मामले में उन्हें 30 दिसंबर 2006 को फांसी पर लटका दिया गया था.

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