इंदौर। केंद्र सरकार (Central government) की टीम द्वारा इंदौर (Indore) में सफाई की स्थिति का जायजा लेने का काम पूरा हो गया है। सर्वे करने के लिए आई इस टीम द्वारा 1500 स्थान (1500 places) पर जाकर स्वच्छता (cleanliness) की स्थिति को देखा गया है।
पिछले 10 दिन से स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए आई हुई टीम द्वारा इंदौर में अपने काम को अंजाम दिया जा रहा था। इस टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर जाकर वहां पर स्वच्छता की स्थिति को देखा जा रहा था और नागरिकों के साथ संवाद स्थापित किया जा रहा था। नगर निगम के अधिकारी और निगम से जुड़े हुए स्वयंसेवी संगठन के कार्यकर्ता मुस्तैदी के साथ लगे हुए थे। सभी की नजर इस बात पर थी कि यह सर्वेक्षण कब तक चलता है और कब पूरा होता है। अब सभी को संतोष है, क्योंकि इंदौर में स्वच्छता की यह परीक्षा पूरी हो गई है। पिछले 7 सालों से पूरे देश में स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर एक पर आ रहे इंदौर द्वारा इस बार भी नंबर एक पर अपना दावा बरकरार रखा जा रहा है।
पिछले सालों की तुलना में इस बार स्वच्छता का सर्वेक्षण विलंब से शुरू हुआ और विलंब के साथ ही समाप्त हुआ है। इस बार भारत सरकार द्वारा इस सर्वेक्षण के पैरामीटर में बहुत ज्यादा बदलाव भी कर दिया गया था। इसके परिणाम स्वरूप सभी को चिंता थी कि सर्वे के लिए आने वाली टीम द्वारा किस तरह से क्या काम किया जाएगा। निगम के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर में अब यह सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। इस सर्वेक्षण में बाहर से आई हुई टीम द्वारा 1500 स्थान पर जाकर स्वच्छता की स्थिति का आकलन किया गया है। इसमें जलाशय से लेकर गारबेज सेंटर , ट्रेंचिंग ग्राउंड, घर-घर से कचरा संग्रहण की स्थिति और कचरे के सेग्रीगेशन के साथ में घरों में कचरे के निष्पादन के लिए की गई व्यवस्था का भी जायजा लिया गया है। इंदौर में संचालित की गई 3आर एक्टिविटी को भी इस सर्वेक्षण में प्रमुखता दी गई है। इसके अलावा नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरण का भाव भी इस सर्वेक्षण में मुख्य स्थान रखता है। इस बार पहली बार इस सर्वेक्षण में स्कूलों में जाकर वहां पर भी स्वच्छता की स्थिति का आकलन किया गया। स्कूलों के बच्चों से बातचीत करते हुए यह देखा गया कि इन बच्चों में स्वच्छता के लिए कितना ज्ञान है।
अब नजर वाटर प्लस पर
स्वच्छता का सर्वेक्षण पूरा हो जाने के बाद अब नगर निगम की नजर वाटर प्लस के लिए होने वाले सर्वेक्षण पर जाकर टिक गई है। निगम के अधिकारियों का मानना है कि अगले 10 दिन के अंदर यह सर्वे करने के लिए टीम इंदौर आ जाएगी। ध्यान रहे कि इंदौर देश का पहला वाटर प्लस शहर था। इंदौर को यह जो दर्जा मिला था, वह दर्जा अब समाप्त हो रहा है, इसलिए नए सिरे से सर्वे किया जाना है। इस वाटर प्लस के साथ ही गारबेज-फ्री सिटी का भी सर्वेक्षण होगा। अब नगर निगम की टीम इस होने वाले सर्वेक्षण की तैयारी में लग गई है। इसी मकसद से नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा द्वारा आज सुबह 8 बजे सिटी बस कंपनी के कार्यालय के सभागार में नगर निगम के सारे अधिकारियों की बैठक ली गई। इस बैठक में वाटर प्लस के सर्वे की तैयारी को रात-दिन एक करते हुए अंजाम देने के लिए कहा गया है।
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