पास के ट्रांसफार्मर में उठ रही चिंगारियों ने पहले पेड़ों को जलाया, फिर वाहनों को लिया चपेट में
इंदौर। देर रात को लसूडिय़ा थाना परिसर (Lasudia police station premises) में खड़ी जब्ती की गाडिय़ा (vehicles) आग (fire) की चपेट में आ गई। गाडिय़ों में लगी भीषण आग को बुझाया जाए तब तक गाडिय़ा जल चुकी थी। गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि (loss of life) नहीं हुई। रात को थाना परिसर में इक्का-दुक्का पुलिसवाले ही थे। बताया जा रहा है कि अपराधों का निराकरण होने के बाद इन गाडिय़ों को नीलाम किया जाना था।
लसूडिय़ा थाना प्रभारी संतोष दूधी (Santosh Dudhi) ने बताया कि थाना परिसर के पीछे बिजली के ट्रांसफार्मर (transformer) का शार्ट सर्किट (short circuit) हुआ और आसपास के पेड़ों में आग लग गई। आग फैलते- फैलते थाने के आगे वाले परिसर तक आ गई और वहां खड़े करीब बीस दो पहिया वाहन (vehicle) और कुछ चार पहिया वाहनों को चपेट में ले लिया। थाने पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने इसकी सूचना दमकल विभाग को दी और दमकल विभाग की गाडिय़ां मौके पर पहुंचीं और फैल रही आग पर काबू पाते हुए उसे बुझाया। हालांकि आग बुझाए जाने तक परिसर में खड़ी गाडिय़ां जल चुकी थीं। ये सभी गाडिय़ा अलग-अलग अपराधों में जब्त कर लाई गई थी। कुछ गाडिय़ा चोरी के मामले में जब्त की गई थी। शहर के अलग -अलग थाना परिसरों में जब्ती के कई दुपहिया और चार पहिया वाहन धूल खा रहे हैं। पहले शहर में जब तक कमिश्नरी लागू नहीं हुई थी, तब इन वाहनों को एसडीएम के आदेश के बाद नीलाम किया जाता था। कमिश्नरी लागू होने के बाद इन वाहनों को नीलाम करने का अधिकार अब पुलिस के पास आ गया है। आगजनी की इस घटना से सरकार के राजस्व को लाखों का नुकसान हुआ है, क्योंकि जो वाहन जले, वो नीलामी में सरकार को लाखों रुपए देकर जाते है।
थाना परिसर में खड़े वाहन सबसे बड़ी चुनौती
लसूडिया ही नहीं इंदौर के पूरब और पश्चिम के सभी थानों में जब्ती के वाहन पुलिस के लिए हमेशा सिरदर्द बने रहते हैं। ये वाहन थाना परिसर में पार्किंग की जगह घेर लेते हैं, जिससे थाने के स्टॉफ और रिपोर्ट लिखाने वाले फरियादियों के लिए पार्किंग की समस्या रहती है। शहर में छत्रीपुरा, सराफा, मल्हारगंज ऐसे थाने हैं, जो भीड़भाड़ वाले बाजारों में यहां तो पार्किंग की समस्याएं है। पुलिस स्टाफ के वाहनों को ही सडक़ पर खड़ा करना पड़ता है। कमिश्नर जल्दी ही जब्ती के इन वाहनों के निराकरण के् लिए कदम उठाने की बात कह रहे हैं, ताकि पार्किंग की समस्या से निजात पाया जा सके।
©2024 Agnibaan , All Rights Reserved