चेन्नई। इनकम टैक्स विभाग ने चेन्नई के एक आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रुप से जुड़े मामले में मदुरै, चेन्नई समेत पांच ठिकानों पर छापा मार कर बड़े घोटाले का खुलासा करने का दावा किया है। विभाग का कहना है कि जांच में करीब 1,000 करोड़ रुपये बरामद हुए, जिनका कोई हिसाब-किताब नहीं है। ये छापे 4 नवंबर को मारे गए थे।
इनकम टैक्स (आईटी) विभाग का दावा है कि उसे सिंगापुर में रजिस्टर हुई कंपनी के संदिग्ध निवेश से जुड़े अहम सबूत हाथ लगे हैं। दो और कंपनियां इस ग्रुप में शेयर होल्डर के तौर पर हैं। इनमें से एक ग्रुप की पड़ताल पहले ही आईटी विभाग कर रहा है। दूसरी शेयर होल्डर कंपनी एक जानेमाने इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और फाइनेंशल ग्रुप की सहयोगी है।
आईटी विभाग का कहना है कि जिस कंपनी पर छापा मारा गया उसके पास 72 पर्सेंट शेयर हैं, जबकि उसने मामूली निवेश किया है। वहीं बाकी के शेयर दूसरी कंपनी के पास हैं, जबकि उसका निवेश ज्यादा है। विभाग की ओर से बताया गया कि इस तरह लगभग 7 करोड़ सिंगापुर डॉलर का फायदा कराया गया है। यह लगभग 200 करोड़ भारतीय रुपयों के बराबर है। लेकिन कंपनी ने इसकी जानकारी उजागर नहीं की थी।
इनकम टैक्स विभाग ने जारी विज्ञप्ति में कहा, ‘इनकम टैक्स विभाग ने 4 नवंबर को चेन्नई और मदुरै में पांच जगहों पर छापे मारे। अब ब्लैक मनी ऐक्ट, 2015 के तहत कार्रवाई की जाएगी। निवेश का मौजूदा मूल्य 354 करोड़ रुपये ज्यादा का है।’
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