इस्लामाबाद । पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान (Imran Khan) नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) के लिए नामांकित हुए हैं। फिलहाल इमरान खान करप्शन समेत कई संगीन मामलों में पाकिस्तानी जेल में लंबे समय से कैद हैं। उन पर कई मामले कोर्ट में लंबित हैं। इमरान का नोबेल पुरस्कार के लिए दूसरी बार नामांकन हुआ है।
इमरान खान को मानवाधिकार और लोकतंत्र के लिए उनके संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार 2024 के लिए नामित किया गया है। यह नामांकन नॉर्वे की राजनीतिक पार्टी पार्टिएट सेन्ट्रम और पाकिस्तान वर्ल्ड अलायंस द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।
दूसरी बार नोबेल नामांकन
इमरान खान को इससे पहले 2019 में भी दक्षिण एशिया में शांति प्रयासों, विशेषकर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने की पहल के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। हालांकि, इस बार उनके लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष को मुख्य आधार बनाया गया है।
विवादों में घिरे इमरान खान
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उन पर भ्रष्टाचार, राष्ट्रीय गोपनीयता उल्लंघन और अवैध विवाह सहित कई मामलों में आरोप लगे हैं। जनवरी 2024 में, उन्हें अधिकारों के दुरुपयोग के एक मामले में 14 साल की सजा सुनाई गई। हालांकि, उनके समर्थकों का दावा है कि ये सभी आरोप राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हैं।
नोबेल पुरस्कार की चयन प्रक्रिया
नोबेल शांति पुरस्कार के लिए हर साल सैकड़ों नामांकन प्राप्त होते हैं। नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी इन नामांकनों की समीक्षा करके अक्टूबर 2024 में विजेता की घोषणा करेगी। यदि इमरान खान को यह पुरस्कार मिलता है, तो वह पाकिस्तान के पहले नोबेल विजेता बन जाएंगे। हालांकि, उनकी वर्तमान क़ैद और विवादित छवि के कारण यह नामांकन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
इमरान का राजनीतिक संघर्ष
इमरान खान को अप्रैल 2022 में संसद में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद सत्ता से हटा दिया गया था। तब से वह लगातार यह दावा करते आए हैं कि उन्हें सेना और सत्तारूढ़ गठबंधन के षड्यंत्र के तहत हटाया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद से पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल जारी है, और PTI पर कड़े दमन का आरोप लगाया जाता रहा है।
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