शिमला । हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना सरकार (Himachal Pradesh and Telangana Governments) ने नई ऊर्जा साझेदारी की शुरुआत की (Launched New Energy Partnership) । हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना सरकार ने लाहौल-स्पीति जिले में 400 मेगावाट की सेली और 120 मेगावाट की मियार जलविद्युत परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि परियोजना की लागत 6200 करोड़ रुपए है। इससे 5000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। तेलंगाना सरकार इसमें 26 करोड़ रुपए की अग्रिम प्रीमियम राशि का योगदान देगी। हिमाचल प्रदेश को पहले 12 वर्षों के लिए 12%, अगले 18 वर्षों के लिए 18% और अंतिम 10 वर्षों के लिए 30% मुफ्त बिजली मिलेगी। 40 वर्षों के बाद तेलंगाना सरकार परियोजनाओं को हिमाचल प्रदेश को सौंप देगी।
तेलंगाना सरकार परियोजना लागत का 1.5% योगदान करेगी। तेलंगाना सरकार इस क्षेत्र को लागत की 1% मुफ्त बिजली प्रदान करेगी। प्रभावित परिवारों को 10 वर्षों तक प्रति माह 100 यूनिट के बराबर वित्तीय लाभ दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस साझेदारी को नवीकरणीय ऊर्जा में अंतरराज्यीय सहयोग का एक नया युग बताया। उन्होंने तेलंगाना सरकार को पावर बैंकिंग और ट्रेडिंग में सहयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी जलविद्युत क्षमता का उपयोग अपने लोगों के लाभ के लिए करने के लिए प्रतिबद्ध है।
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भाटी विक्रामारका मल्लू ने कहा कि यह समझौता उनकी सरकार की “तेलंगाना क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी पॉलिसी 2025” के अनुरूप है। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा में अंतरराज्यीय सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया। इस समझौते से न केवल दोनों राज्यों के बीच ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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