नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शनिवार को जहां मोदी 3.0 का पहला पूर्ण बजट पेश किया और नौकरीपेशा लोगों के लिए 12 लाख रुपये तक की सालाना इनकम को टैक्स फ्री (Tax Free) करने का ऐलान किया. तो वहीं दूसरी ओर बजट के बाद सरकार ने जनवरी महीने में जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) के आंकड़े जारी किए, जो शानदार हैं. जनवरी में जीएसटी कलेक्शन के जरिए सरकारी खजाने में 1.96 लाख करोड़ रुपये आए हैं.
सरकार का जीएसटी कलेक्शन जनवरी के महीने में पिछले साल की समान अवधि तुलना में 12.3 फीसदी बढ़ा है और बीते महीने Central GST Collections 36,100 करोड़ रुपये और स्टेट जीएसटी कलेक्शन 44,900 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. इससे पहले दिसंबर 2024 महीने में जीएसटी कलेक्शन 1.76 लाख करोड़ रुपये था, जो सालाना आधार पर 7.3 फीसदी ज्यादा था. जनवरी में कलेक्शन का ये आंकड़ा अब तक के सबसे ज्यादा GST Collection से थोड़ा ही नीचे रह गया है. बता दें कि अप्रैल 2024 में ये 2 लाख करोड़ रुपये को पार किया था.
GST Collection का आकंड़ा लगातार बढ़ रहा है और सरकार मालामाल हो रही है. इससे पहले बीते साल सितंबर महीने में ये आंकड़ा 1,73,240 करोड़ रुपये, अक्टूबर महीने में 1,87,346 करोड़ और नवंबर 2024 महीने में 1,82,269 करोड़ रुपये रहा था. इस हिसाब से देखें तो बीते अप्रैल 2024 में 2.10 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन करने के बाद मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक पांच बार ऐसा हुआ है, जबकि कलेक्शन 1.80 लाख करोड़ रुपये के पार निकला है.
पुरानी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था की जगह पहली जुलाई 2017 को देश भर में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया गया था. इसे देश में आजादी के बाद से सबसे बड़ा टैक्स सुधार माना जाता है. केंद्र सरकार के मुताबिक, आज से 6 साल पहले लागू जीएसटी ने देश के लोगों पर टैक्स का बोझ कम करने में मदद की है.
GST का मतलब गुड्स एंड सर्विस टैक्स होता है. इसके आने के बाद तमाम तरह के टैक्स को खत्म किया गया था. इसमें 2 तरह के टैक्स शामिल होते हैं, इनमें डायरेक्ट टैक्स (Direct Tax) और इनडायरेक्ट टैक्स (Indirect Tax) शामिल हैं. पहले राज्यों और केंद्र सरकार के कर अलग-अलग थे, लेकिन जीएसटी के आने के बाद एक ही टैक्स कर दिया गया.
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