इंदौर। बड़ा गणपति क्षेत्र (Bada Ganapti Area) में नगर निगम (Municipal Corporation) कई दिनों से लाइनों के लिए खुदाई का कार्य शुरू कर चुका है। तोडफ़ोड़ के कारण सडक़ों पर भी कई जगह मलबा फैला था। रात में हुई बारिश से आज सुबह सडक़ों पर कई जगह कीचड़ फैल गया। इसके लिए निगम की टीमें लगाई गई हैं। पुरानी नर्मदा लाइनें (Narmada Lines) फूटने के कारण नए अस्थायी नल कनेक्शन लोगों के घरों केसामने भी किए गए हैं।
बड़ा गणपति (Bada Ganapti) से कृष्णपुरा (Krashanpura) के बीच नगर निगम (Municipal Corporation) द्वारा कई हिस्सों में लाइन बिछाने के काम शुरू किए गए हैं। वहीं दूसरी ओर रहवासी अपने स्तर पर बाधक हिस्से हटाने में जुटे हैं। कई जगह काम पूरा हो गया, जबकि 50 से ज्यादा बाधाएं अलग-अलग हिस्सों में हैं, जिन्हें लोग हटा रहे हैं। मल्हारगंज, गोराकुंड, टोरी कार्नर (Malhaganj, Gorakund, Tori Corner) आदि क्षेत्रों में कई जगह सडक़ों पर मलबा फैला होने के कारण कल रात हुई बारिश से आज कई इलाकों में कीचड़ फैल गया। इसके लिए निगम स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की टीमों को वहां सफाई के लिए लगाया गया था। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट (Smart City Project) के कार्यपालन यंत्री डीआर लोधी के मुताबिक कई जगह अंडरग्राउंड डे्रनेज और नर्मदा लाइनों के साथ-साथ डक्ट बनाने के कार्य शुरू होना हैं, जिसके लिए खुदाई के कार्यों के दौरान पीने के पानी की लाइनें फूट गई थीं। लोगो ने पानी नहीं मिलेन की शिकायतें की थीं, जिसके चलते नर्मदा प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने वहां कई इलाकों में लोगों के घरों के सामने अस्थायी नल कनेक्शन कर दिए हैं, ताकि लोगों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े।
कई दिनों से अड़े थे, अब खुद हटाने में जुटे
बड़ा गणपति क्षेत्र (Bada Ganapti Area) के समीप ही मोदीजी की नसिया धर्मशाला को लेकर विवाद की स्थिति बनती रही। वहां ट्रस्टी तीन फीट तक की जमीन छोडऩे पर सहमत हो रहे थे, लेकिन निगम अधिकारी आठ फीट के निशान लगा चुके थे और उससे कम में समझौता करने के लिए तैयार नहीं थे। चार से पांच बार बातचीत का दौर चलता रहा, मगर नतीजा कुछ नहीं निकला। कल से धर्मशाला के बाधक हिस्सों को ट्रस्टियों ने खुद ही अपने स्तर पर हटवाना शुरू कर दिया, ताकि वहां सडक़ का काम जल्द से जल्द शुरू हो सके।
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