भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रि-परिषद (Council of Ministers) की बैठक हुई, जिसमें राज्य के हित में कई अहम निर्णय लिये गए। बैठक में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन (illegal mining, transportation) तथा भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के संबंध में अनुमोदन प्रदान किया गया। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण के संबंध में मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 53 तथा मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भंडारण तथा व्यापार) नियम, 2019 के नियम 20 को इन नियमों से निरसित किया गया है।
उन्होंने बताया कि खनिजों के अवैध उत्खनन एवं भंडारण में रॉयल्टी का 15 गुना तथा इसके समतुल्य राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में लिया जाना तथा प्रकरण में अधिरोपित कुल दण्ड जमा नहीं किये जाने पर जप्त वाहन एवं मशीनरी आदि को राजसात करने के साथ-साथ अधिरोपित कुल दण्ड की दुगनी राशि का दण्ड अधिरोपित किये जाने का प्रावधान किया गया।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि अवैध परिवहन के प्रकरण में जप्त खनिज की रायल्टी का 15 गुना तथा वाहन क्षमता अनुसार पर्यावरण क्षति की राशि अर्थदण्ड के रूप में अधिरोपित किया जाना तथा प्रकरण में अधिरोपित कुल दण्ड पर प्रशमन न किये जाने पर कुल दण्ड की राशि का दोगुना तथा वाहन राजसात किये जाने का प्रावधान किया गया है। इसमें अभिवहन पार पत्र में दर्ज मात्रा से अधिक का परिवहन पाये जाने पर अधिक मात्रा के खनिज की रॉयल्टी का 15 गुना तथा वाहन क्षमता के अनुपातिक रूप में पर्यावरण क्षति दण्ड के रूप में लिये जाने का प्रावधान किया गया है। यदि इस राशि का प्रशमन नहीं होता, तब इसकी दोगुनी राशि दण्ड के रूप में अधिरोपित किये जाने का प्रावधान किया गया है। ऐसे प्रकरणों में वाहन राजसात किये जाने का प्रावधान नहीं किया गया है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन में वाहन के सुपुदर्गी हेतु राशि जमा कर वाहन मालिक को दिये जाने का प्रावधान किया गया है। इसके लिये नियमों में पृथक से अनुसूची तैयार की गई है। इस अनुसूची में वाहन के बाजार मूल्य का लगभग 10 प्रतिशत राशि लिये जाने की गणना की गई है। पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर इस पर कार्यवाही हेतु सूचना अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को दिये जाने का प्रावधान किया गया है। अधिरोपित अर्थदण्ड की राशि जमा न होने पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 के प्रावधानों के तहत राशि वसूली तथा कुर्की किये जाने का प्रावधान किया गया है।
नियमों में कलेक्टर द्वारा पारित आदेश के विरूद्ध संभागायुक्त को अपील प्रस्तुत करने का प्रावधान पूर्ववत है। संभागायुक्त द्वारा पारित आदेश के विरूद्ध पुनरीक्षण राजस्व मंडल को प्रस्तुत किये जाने का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2021 में अन्य तकनीकी सुधार किये गये हैं। इन सुधारों से प्रदेश में अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा तथा उपरोक्त नियमों में एकजाई प्रावधान होने से प्रकरणों के निराकरण में पारदर्शिता एवं सुगमता हो सकेगी।
मंत्रिपरिषद ने अन्य निर्णय
– अमृत योजना में सभी 412 नगरीय निकाय सम्मिलित होंगे
– ग्वालियर शहर में 446 करोड़ रूपये से अधिक का फ्लाय ओवर
– आचार्य शंकर की 108 फुट ऊँची बहुधातु प्रतिमा
– बांध सुदृढ़ीकरण के लिए 551 करोड़ रुपये की मंजूरी
– दो नवीन औदयोगिक क्षेत्र की स्थापना की स्वीकृति
– चार नवीन निजी विश्वविद्यालय की स्थापना
– शेयर हस्तांतरण का अनुसमर्थन
– भोपाल में सर्वसुविधायुक्त पुलिस चिकित्सालय
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