जम्मू/नई दिल्ली (Jammu / New Delhi)। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में जी-20 की बैठक (G-20 meeting) से ठीक पहले 26/11 जैसे आतंकी हमले की साजिश (Conspiracy of terrorist attack like 26/11) का खुलासा हुआ है। गुलमर्ग में जी-20 के मेहमानों को जिस पांच सितारा होटल में ठहराया जाना था, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (Pakistan’s intelligence agency ISI) ने उस पर हमले की साजिश रची थी। इस खुलासे के बाद बैठक के लिए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने के साथ ही मेहमानों के कार्यक्रमों में बदलाव किया गया है। अब मेहमान गुलमर्ग नहीं जाएंगे।
सूत्रों ने बताया कि यह खुलासा अप्रैल के आखिरी हफ्ते में गिरफ्तार आतंकी समूह के ओवरग्राउंड वर्कर फारूक अहमद वानी (Farooq Ahmed Wani) ने किया है। बारामुला निवासी वानी उक्त होटल में ड्राइवर था और आईएसआई के सीधे संपर्क में था। श्रीनगर स्थित एसकेआईसीसी में सोमवार से जी-20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप की तीन दिवसीय बैठक शुरू हो रही है। इसमें शामिल होने वाले मेहमानों को गुलमर्ग स्थित प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट और दाचीगामा वाइल्डलाइफ सेंचुरी ले जाने का कार्यक्रम था, लेकिन अब दौरे को रद्द कर दिया गया है।
चाक चौबंद सुरक्षा
एनएसजी के कमांडो और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान इलाकों में लगातार नजर रख रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिये हर गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। मार्कोस कमांडो डल झील के आसपास गश्त कर रहे हैं।
कुपवाड़ा में जैश आतंकी गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को कुपवाड़ा से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मो. उबैद मलिक को गिरफ्तार किया। वह पाकिस्तान में बैठे आकाओं को सेना और अन्य सुरक्षा बलों की आवाजाही की सूचनाएं दे रहा था। उसके पास से कई ऐसे संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिससे उसके आतंकी साजिश में शामिल होने का प्रमाण मिलता है।
सीआरपीएफ की 30 कंपनियां तैनात
कश्मीर घाटी में अन्य सुरक्षा बलों के साथ ही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 30 कंपनियां तैनात की गई हैं। चुनाव ड्यूटी के लिए पहले सीआरपीएफ की इन कंपनियों को देश के दूसरे हिस्से में भेजा गया था। किसी भी तरह के आतंकी हमले या बंधक बनाने की घटना से निपटने के लिए ब्लैक कैट कमांडों की एक टीम को तैयार रखा गया है।
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