बीजिंग। यूक्रेन (Ukraine) में आम नागरिकों की हत्या के मसले पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) में यूएनएचआरसी से रूस को निलंबित कर दिया लेकिन यह थमने का नाम नहीं ले रहा है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के 44वें दिन यूक्रेनी शहर दोनेत्स्क के एक भीड़ भरे रेलवे स्टेशन पर मिसाइल से हमला (missile attack on railway station) हुआ। इस हमले में 39 लोगों की जान चली गयी। युद्धरत दोनों देशों ने इस हमले की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर मढ़ दी है।
यूक्रेन Ukraine में नागरिकों की हुई हत्याओं को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की रूस की सदस्यता निलंबित करने के प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करने के एक दिन बाद चीन ने शुक्रवार को अपने ‘वोट’ का बचाव करते हुए कहा कि आनन-फानन में उठाया गया इस तरह का कदम एक ‘खतरनाक उदाहरण’ स्थापित करेगा।
प्रस्ताव के पक्ष में 93, विपक्ष में 24 मत पड़े और महासभा के 58 सदस्य देश मतदान से अनुपस्थित रहें। भारत ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। चीन का मित्र देश पाकिस्तान भी मतदान से अनुपस्थित रहा।
यूक्रेनी शहर दोनेत्स्क के क्रामातोर्स्क रेलवे स्टेशन पर अचानक हुए मिसाइल हमले में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गयी और 87 लोग घायल हो गए। दोनेत्स्क के गवर्नर पावलो किरिलेंको ने कहा कि जिस समय भारी संख्या में लोग ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे स्टेशन पर थे, उसी समय रूसी मिसाइल का हमला हुआ। घायलों में तमाम की हालत गंभीर बनी हुई है, इस कारण मृतक संख्या बढ़ने की उम्मीद है। उधर रूस ने रेलवे स्टेशन पर हुए मिसाइल हमले की जिम्मेदार लेने से इनकार कर दिया है।
रूसी राष्ट्रपति के प्रव क्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूसी सशस्त्र बल शुक्रवार को क्रामातोर्स्क में किसी अभियान पर नहीं थे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि जिस मिसाइल से हमला हुआ उसका इस्तेमाल केवल यूक्रेन की सेना करती है। यह वैसी ही मिसाइल है जिससे 14 मार्च को दोनेत्स्क पर हमला किया गया था। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि बोरोड्यांका शहर के हालात बूचा से भी खराब हैं।
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