रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) और भिलाई (Bhilai) में सीबीआई (CBI) की टीम ने छापेमारी शुरू की है. एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री (former CM) भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) के आवास पर छापेमारी शुरू की है. महादेव बेटिंग ऐप मामले में बघेल के घर समेत कई जगहों पर छापेमारी जारी है. ईडी के बाद सीबीआई ने भी महादेव बेटिंग ऐप मामले में एंट्री की है. इस मामले में हजारों करोड़ की ठगी की गई थी. सीबीआई के अधिकारी सुबह-सुबह भिलाई और रायपुर स्थित आवास पर पहुंच गए. जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की टीम महादेव बेटिंग ऐप मामले में छापेमारी करने पहुंची है. इससे पहले ईडी की टीम ने भी इसी समय छापेमारी की थी.
अब CBI आई है…
भूपेश बघेल के कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “अब CBI आई है. आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित “ड्राफ़्टिंग कमेटी” की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है. उससे पहले ही CBI रायपुर और भिलाई निवास पहुंच चुकी है.”
क्या है महादेव बेटिंग ऐप?
महादेव बेटिंग ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया ऐप है. इस पर यूजर्स पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स नाम से लाइव गेम खेलते थे. ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों और चुनावों में अवैध सट्टेबाजी भी की जाती थी. अवैध सट्टे के नटवर्क के जरिए इस ऐप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले. इस ऐप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था.
दरअसल, महादेव बेटिंग ऐप कई ब्रांच से चलता था. हर ब्रांच को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे. यूजर को सिर्फ शुरुआत में फायदा और बाद में नुकसान होता. फायदे का 80% हिस्सा दोनों अपने पास रखते थे. सट्टेबाजी ऐप रैकेट एक ऐसी मशीन की तरह काम करता है, जिसमें एल्गोरिदम यह तय करता है कि ऐप में अपना पैसा लगाने वाले केवल 30% ग्राहक ही जीतें.
हाल ही में हुई थी ED की रेड
पिछले दिनों ईडी ने भूपेश बघेल के आवास पर भारी मात्रा में कैश पाए जाने का दावा किया था. इसकी गिनती के लिए ईडी अधिकारियों ने दो कैश गिनने वाली मशीनें मंगवाई थी. ईडी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े एक परिसर से कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेज भी जब्त किए. ये मामला शराब घोटाले से जुड़ा था.
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