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सरकारी नियंत्रण में चलेंगी बसें, इंदौर सहित सातों संभाग में गठित होगी कम्पनियां

  • April 01, 2025

    • सचिव परिवहन मनीष सिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष दिया बसों के संचालन का प्रजेंटेशन, कंट््रोल रूम और डेश बोर्ड से होगी मॉनिटरिंग, 500 से अधिक बसें दौड़ेंगी

    इंदौर। रोडवेज की तर्ज पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब एक बार फिर सरकारी नियंत्रण में बसों का संचालन इंदौर सहित प्रदेशभर में करवाना चाहते हैं। खासकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में निजी बस ऑपरेटरों द्वारा घाटे वाले रुटों पर बसें नहीं चलाई जाती है और मनमाना किराया भी वसूल करते हैं। लिहाजा इस मोनोपॉली को खत्म करने के लिए अब प्रदेश सरकार बसों का संचालन शुरू करने जा रही है। कल सचिव परिवहन मनीषसिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष बसों के संचालन के संबंध में प्रजेंटेशन दिया। केबिनेट से मंजूरी के बाद इस पर अमल शुरू होगा। इंदौर सहित सभी सातों संभागों में क्षेत्रीय सहायक कम्पनियों का गठन किया जाएगा। सालों पहले जिस तरह से रोडवेज की बसें सरकारी नियंत्रण में चलती थी, मगर अब उससे बेहतर संचालन होगा, जो कि निजी ऑपरेटरों की मदद से ही करेंगे। जिस तरह इंदौर में एआईसीटीएसएल कम्पनी सिटी बसों का संचालन करती है, उसी तर्ज पर प्रदेश में नवीन परिवहन सेवा शुरू की जाएगी, जिसकी तीन स्तरों पर मॉनिटरिंग होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर परिवहन विभाग ने इसकी सम्पूर्ण योजना बनाई है, जो अनुमोदन के लिए केबिनेट में रखी जाएगी। उसके पूर्व कल मुख्यमंत्री ने अपने निवास पर इस नवीन परिवहन सेवा, जो कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के नाम से शुरू होगी, उसमें इससे जुड़ा प्रजेंटेशन देखा और कहा कि अब प्रदेश में परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में, खासकर सभी जनजातीय सुगम यात्री परिवहन के बेहतर प्रयास किए जाएंगे। इस बैठक में स्कूल-शिक्षा परिवहन मुख्यमंत्री उदयप्रतापसिंह, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं प्रशासन संजय कुमार शुक्ल, सचिव परिवहन मनीष सिंह, सचिव मुख्यमंत्री सिबी चक्रवर्ती एवं संचालक जनसम्पर्क अंशुल गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सचिव परिवहन मनीष सिंह ने इस योजना की मुख्यमंत्री को विस्तार से जानकारी दी।


    उन्होंने बताया कि प्रदेश मुख्यालय स्तर पर एक राज्यस्तरीय होल्डिंग कंपनी गठित की जाएगी। प्रदेश के सात बड़े संभागों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर एवं रीवा) में 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां भी गठित की जाएगी। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति गठित भी की जायेंगी। यह सभी बॉडी यात्री परिवहन को बेहतर बनाने, यात्री किराया तय करने, रूट चार्ट तैयार करने में समन्वय और यात्रियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए अनुश्रवण एवं मार्गदर्शन करेगी। बताया गया कि सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों की आय अर्जन के स्रोत निर्माण के लिए भी इस योजना में विशेष इंतजाम किए जाएंगे।

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