येरूशलम। हमास के साथ युद्ध विराम समझौता टूटने के बाद गाजा में बमों और मिसाइलों से कहर मचाने के बाद अब इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में ‘बड़े क्षेत्रों’ पर कब्जा करने के उद्देश्य से ग्राउंड मिलिट्री अभियान शुरू कर दिया है। इजरायली सेना का यह कदम मध्य-पूर्व में तनाव को और अधिक भड़का सकता है। इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में अपने सैन्य अभियान का विस्तार करने का ऐलान किया है। इसके बाद कब्रिस्तान में तब्दील हो चुके गाजा के घायल सीने पर बर्बादी के इजरायली टैंकर फिर से दौड़ने शुरू हो गए हैं।
इस बीच इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने बुधवार को एक बयान में गाजा में बड़ा मिलिट्री अभियान शुरू करने की यह जानकारी दी है। काट्ज ने एक लिखित बयान में कहा कि इजरायल फिलस्तीनी क्षेत्र में ‘‘आतंकवादियों और आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को कुचलने और क्षेत्र को साफ करने के लिए अपने सैन्य अभियान का विस्तार कर रहा है और इसका उद्देश्य गाजा पट्टी के बड़े क्षेत्रों पर कब्जा करना है, जिन्हें इजरायल के सुरक्षा क्षेत्रों में जोड़ा जाएगा।’’
अपने इस अभियान के तहत इजरायली सेना गाजा के अहम ठिकानों पर अपना कब्जा जमाने जा रही है। बता दें कि इजरायल की सुरक्षा परिधि उत्तरी और पूर्वी गाजा में इजरायल की सीमा के साथ जुड़ी हुई है। यह दशकों से देश की सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है, जिसका उपयोग इजरायल इस क्षेत्र के पास रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए करता है। काट्ज ने यह स्पष्ट नहीं किया कि विस्तारित अभियान में गाजा के किन क्षेत्रों पर कब्जा किया जाएगा, जिसमें युद्ध वाले क्षेत्रों से आबादी को “व्यापक रूप से निकालना” भी शामिल है।
इस बार गाजा पट्टी में इजरायली सैनिकों ने हमास के उखाड़ फेंकने के इरादे से घुसे हैं। इजरायली रक्षा मंत्री ने गाजा के लोगों से भी “हमास को खदेड़ने और सभी बंधकों को वापस लौटाने” का आह्वान भी किया। बता दें कि चरमपंथी समूह हमास ने अभी भी इजरायल के 59 बंधकों को रिहा नहीं किया है, जिनमें से 24 के जीवित होने का अनुमान है, जबकि शेष को युद्ध-विराम समझौतों या अन्य समझौतों के तहत रिहा कर दिया गया है। काट्ज ने कहा, ‘‘युद्ध को समाप्त करने का यही एकमात्र तरीका है।’
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