भोपाल । बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) से घायल अवस्था में वन विहार राष्ट्रीय उद्यान (Van Vihar National Park) एवं जू भोपाल लाये गये नर बाघ (Male tiger) छोटा भीम की रविवार को मौत हो गयी। बाघ का वन विभाग (Forest Department) में दो माह से इलाज चल रहा था। छोटा भीम को घायल अवस्था में 30 नवम्बर 2024 को खितौली परिक्षेत्र से रेस्क्यू कर उपचार के लिये बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया से भोपाल लाया गया था। पोस्टमार्टम में बाघ छोटा भीम की मृत्यु का कारण कन्जेस्टिव हार्ट फेलियर बताया गया।
खतौली से रेस्क्यू किये गये छोटा भीम के गले में घायल होने का निशान था। उसका उपचार राज्य पशु चिकित्सालय डॉ. एस. के. तुमड़िया, वरिष्ठ वन्य प्राणी डॉ. अतुल गुप्ता, स्वास्थ्य अधिकारी वन विहार डॉ. रजत कुलकर्णी, वन्य प्राणी चिकित्सक वाइल्ड लाइफ एस.ओ.एस. वन विहार, वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. वैभव शुक्ला और साईटस मुख्यालय भोपाल के चिकित्सक दल की निगरानी में किया गया। दो महीने के उपचार के बावजूद बाघ छोटा भीम को नहीं बचाया जा सका।
एनटीसीए नई दिल्ली एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) कार्यालय मध्यप्रदेश, भोपाल से जारी दिशा-निर्देश अनुरूप पोस्टमार्टम की कार्यवाही की गई। पोस्टमार्टम वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता, डॉ. प्रशांत देशमुख, डॉ. हमजा नदीम फारुकी और डॉ. रजत कुलकर्णी ने किया। बाघ छोटा भीम के सभी अंग सुरक्षित पाए गए। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शवदाह भस्मीकरण की कार्यवाही राजेश खरे, मुख्य वन संरक्षक, भोपाल, गीतांजलि अय्यर, आईएफएस संदेश माहेश्वरी, सहायक संचालक वन विहार, उपरोक्त लिखित सभी वन्यजीव विशेषज्ञ, पी.पी. सिंह, अजय शर्मा, डिप्टी कलेक्टर व अन्य की उपस्थिति में की गई। पोस्टमार्टम एवं शवदाह भस्मीकरण कार्यवाही की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी भी कराई गई।
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