इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) की शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) सरकार (government) भारत (India) से रिश्ते शुरू करने के लिए बेकरार है। हालांकि, उसे भारत से कोई भाव नहीं मिल रहा। पाकिस्तान ने साफ संकेत दिया है कि एससीओ सम्मेलन (SCO Summit) के दौरान वह भारत के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए तैयार है। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के हालिया बयान से पता चलता है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मिल सकते हैं। जयशंकर भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सम्मेलन में शामिल होंगे। हालांकि, उन्होंने साफ कहा है कि वह पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय बैठक करने नहीं जा रहे।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एससीओ के बैठक के बारे में बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री (शहबाज शरीफ) बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। विदेश कार्यालय ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के शासन प्रमुखों की परिषद (CHG) की 23वीं बैठक में भाग लेने के लिए सात प्रधानमंत्री, एक उपराष्ट्रपति और एक विदेश मंत्री अगले सप्ताह इस्लामाबाद पहुंचेंगे।
पाकिस्तान को पहली बार मिली मेजबानी
पाकिस्तान पहली बार 15 से 16 अक्टूबर तक शंघाई सहयोग संगठन की बैठक की बैठक की मेजबानी कर रहा है। सीएचजी एससीओ का दूसरे सर्वोच्च निकाय है। एससीओ सम्मेलन में चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग, रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तीन के साथ ही बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान के उनके समकक्ष भी शामिल होंगे।
बैठक में जयशंकर होंगे शामिल
एससीओ सम्मेलन में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति भी बैठक में शामिल होंगे। पर्यवेक्षक राज्य के रूप में मंगोलिया के प्रधानमंत्री और तुर्कमेनिस्तान के विदेश मंत्री विशेष अतिथि के रूप में बैठक में भाग लेंगे। अफगानिस्तान सीएचजी की बैठक में भाग नहीं लेगा, क्योंकि बीजिंग स्थित एससीओ सचिवालय ने काबुल को इसमें शामिल होने के लिए निमंत्रण नहीं भेजा है।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इसमें भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक भी शामिल है या नहीं। इसके पहले भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने यात्रा के दौरान पाकिस्तान के साथ किसी भी बातचीत की संभावना से इनकार किया था।
‘दोस्ती बढ़ाने नहीं जा रहा’
नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने पाकिस्तान यात्रा के बारे में कहा था, ‘मैं वहां भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने नहीं जा रहा हूं। मैं वहां एससीओ का एक अच्छा सदस्य बनने जा रहा हूं। लेकिन आप जानते हैं, चूंकि मैं एक विनम्र और सभ्य व्यक्ति हूं, इसलिए मैं उसी के अनुसार व्यवहार करूंगा।’
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