देश में सबसे पहले इंदौर कलेक्टर ने की पहल… गोद आए बच्चे
जेजे एक्ट में कलेक्टर को दिए पावर, इंदौर से देश का पहला आदेश जारी
इंदौर। बच्चों को गोदे देने की प्रक्रिया के नियमों में संशोधन होते ही इंदौर कलेक्टर (Indore Collector Manish Singh) ने देश में सबसे पहले फैसला सुनाते हुए दो दम्पतियों को संतान सुख दिलाने में मदद की है।
बच्चों को गोद दिलाने वाली प्रक्रिया को आसान बनाते हुए केंद्र सरकार (Central Goverment) ने जेजे एक्ट (JJ Act) में संशोधन कर जिले के कलेक्टरों को अधिकार दे दिए हंै कि वे नि:संतान दम्पतियों को बच्चे गोद देने का फैसला कर सकें। यह अधिकार मिलते ही इंदौर कलेक्टर (Indore Collector) ने सबसे पहले शहर के दो घरों में किलकारियां गुंजाते हुए दम्पतियों को बच्चे गोद दिलाए। अपर कलेक्टर बेड़ेकर द्वारा संस्था सेवा भारती मातृछाया के दो बच्चों के दत्तक ग्रहण आदेश जारी किए गए। इस आदेश से दो दम्पति शांताराम एवं अरुणा सुरबे तथा सोहन राय और उनकी पत्नी मैत्री राय को बच्चों का सुख मिला। ज्ञात हो कि नवंबर 2021 में दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को आसान बनाते हुए नियम जारी किए गए हैं कि कलेक्टर (Indore Collector) द्वारा अपने जिले में दत्तक आदेश जेजे एक्ट की धारा 61 के आधार पर अनाथ बच्चों को माता-पिता दिलवाए जाएंगे।
कोर्ट से विड्रा कर रहे मामले
कोर्ट में पेंडिंग मामलों के चलते दम्पतियों को बच्चे गोद लेने में साढ़े तीन से चार साल तक का समय लग रहा था, जिसके बाद एक्ट में संशोधन का निर्णय लिया गया और कोर्ट में पेश किए जाने वाले मामले सीधे कलेक्टर के समक्ष पहुंचने लगे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी रामनिवास बुधोलिया ने बताया कि 1 सितंबर 2022 से शुरू हुई प्रक्रिया के बाद देश में सबसे पहले इंदौर कलेक्टर द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। ज्ञात हो कि इस एक्ट के तहत परिवार या रिश्तेदार के बच्चों को भी गोद लिया जा सकता है। अनाथ बच्चों के चुनाव के लिए एक दम्पति को तीन बार मौका दिया जाता है।
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