नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)के नागपुर दौरे (Nagpur Tour)से पहले कुछ संगठनों के कार्यकर्ताओं(workers) को रविवार को हिरासत(custody) में ले लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। विदर्भ क्षेत्र को अलग राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग वाले संगठनों से ये लोग जुड़े हैं। पुलिस ने बताया कि विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के कार्यकर्ताओं समेत हिरासत में लिए गए इन लोगों ने अलग राज्य के गठन की मांग को लेकर काले झंडे दिखाने की योजना बनाई थी। अधिकारी ने बताया कि कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की कार्रवाई शनिवार रात से शुरू हुई और रविवार सुबह तक जारी रही।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार्यकर्ताओं को जोन-2 के पुलिस उपायुक्त के कार्यालय में रखा गया है। उन्होंने बताया कि गिट्टीखदान, अंबाझरी, कोतवाली, वाथोडा थानाक्षेत्र से 40 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह से ही नागपुर में अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच आरएसएस मुख्यालय में डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर का दौरा किया और संघ के संस्थापकों को श्रद्धांजलि दी। अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने दीक्षाभूमि का भी दौरा किया जहां डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने 1956 में बौद्ध धर्म अपनाया था।
पीएम मोदी ने संघ को लेकर क्या कहा
अधिकारी ने बताया कि पीएम मोदी ने माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखी जो माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर का नया विस्तार भवन है। इस सेंटर का नाम आरएसएस प्रमुख दिवंगत माधवराव गोलवलकर के नाम पर रखा गया है। पीएम मोदी ने कहा, ‘आरएसएस के स्वयंसेवक देश के विभिन्न हिस्सों में नि:स्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं। संघ भारत की अमर संस्कृति और आधुनिकीकरण का वट वृक्ष है, जिसके आदर्श और सिद्धांत राष्ट्रीय चेतना की रक्षा करना है। यह विशाल वटवृक्ष कोई साधारण वटवृक्ष नहीं है। आरएसएस सेवा का पर्याय है।’ मोदी ने कहा कि पिछले 100 वर्षों में आरएसएस के अपने संगठन के साथ की गई तपस्या का फल मिल रहा है, क्योंकि देश 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है।
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