अमृतसर (Amritsar) । इंटरनेशनल योग दिवस पर अमृतसर (Amritsar) स्थित गोल्डन टेंपल में योग (Yoga at Golden Temple) करने के बाद परेशानी में फंसी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्चना मकवाना (Social media influencer Archana Makwana) को वडोदरा पुलिस (vadodara police) ने सुरक्षा मुहैया (security provided) करवा दी है। अर्चना मकवाना ने अपने खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद एक वीडियो शेयर किया है। इसमें उन्होंने सुरक्षा मुहैया कराने के लिए गुजरात पुलिस और गुजरात सरकार को धन्यवाद दिया है। अर्चना ने कहा कि मैं सेफ हूं वडोदरा क्राइम ब्रांच ने मुझे सुरक्षा दी है। अर्चना ने इंस्टाग्राम से फोटो हटाकर इस संबंध में माफी मांग ली थी लेकिन उनका आरोप है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थी। गुजरात के वडोदरा की रहने वाली अर्चना मकवाना पेशे से फैशन डिजाइनर हैं। “हाउस आफ अर्चना” के नाम से वह अपना ब्रांड चलाती हैं। इंस्टाग्राम पर अर्चना के काफी फॉलोअर्स हैं।
शीर्षासन करती हुई नजर आ रही अर्चना
अर्चना मकवाना ने योग दिवस पर स्वर्ण मंदिर में योग किया था और फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर डाल दिए थे। इन फोटो में अर्चना मकवाना श्री दरबार साहिब में शीर्षासन करती हुई नजर आ रही थीं। फोटो वायरल होने पर बवाल मच गया था। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने इस पर कड़ा एतराज जताते हुए अर्चना मकवाना के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया था। वहीं, बवाल मचने के बाद इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर अर्चना मकवाना ने एक पोस्ट शेयर की थी जिसमें उन्होंने माफी मांगी थी। उन्होंने लिखा कि मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था लेकिन फिर भी किसी की भावना को ठेस लगी है तो वह माफी मांगती हूं।
सिर्फ मशहूर होने के लिए श्री दरबार साहिब में योग किया
शिरोमणि कमेटी का कहना था कि लोग यहां पूरी श्रद्धा भाव से नतमस्तक होते हैं, लेकिन एक युवती ने इस पवित्र स्थान पर करीब एक घंटे तक योग किया, जिससे संगत की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। कमेटी ने कहा कि जांच में पता चला है कि युवती ने श्री दरबार साहिब में माथा नहीं टेका था, वह सिर्फ मशहूर होने के लिए सचखंड श्री दरबार साहिब में योग आसन कर रही थी। शिरोमणि कमेटी ने युवती के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करवाया। शिरोमणि कमेटी ने परिक्रमा में ड्यूटी पर तैनात तीन सेवादारों को निलंबित भी कर है।
एसजीपीसी अपने स्तर पर भी कर रही जांच: धामी
इस पर थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जहां पर बैठकर युवती ने योग किया था, उस जगह पर तैनात टास्क फोर्स के सुरक्षा कर्मियों से भी बात की जा रही है। वहीं, एसजीपीसी भी अपने स्तर पर इस मामले की जांच कर रही है। एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कहा है कि जो बातें सिख धार्मिक मर्यादा के खिलाफ हैं, उनकी इजाजत नहीं दी जा सकती। जांच की जा रही है कि लड़की वाकई अंजान थी या उसने सब कुछ जानबूझकर किया है।
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