कोलकाता । पश्चिम बंगाल में (In West Bengal) नगर पालिकाओं के लिए (For Municipalities) करोड़ों रुपये के (Worth Crores of Rupees) भर्ती घोटाले में (In Recruitment Scam) प्रवर्तन निदेशालय (ED) की 12 स्थानों पर छापेमारी जारी है (Raids Continue at 12 Places)। छापेमारी गुरुवार सुबह लगभग पांच बजे से सभी 12 स्थानों पर एक साथ शुरू हुई। ईडी अधिकारियों की प्रत्येक टीम के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के सशस्त्र जवान तैनात थे।
जिन महत्वपूर्ण स्थानों पर छापेमारी जारी है उनमें राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री और मध्यमग्राम नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष रथिन घोष; कमरहाटी नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल साहा; बारानगर नगर पालिका अध्यक्ष अपर्णा मौलिक और दक्षिण दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष निताई दत्ता तथा अन्य के आवास शामिल हैं। ये चारों नगर पालिकाएं उत्तर 24 परगना जिले में हैं।
सूत्रों ने कहा कि छापेमारी और तलाशी अभियान चलाने के अलावा, केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी घोष से मध्यमग्राम नगर पालिका में भर्तियों के बारे में उनकी जानकारी के बारे में भी पूछताछ कर रहे हैं, क्योंकि वह वहां के पूर्व अध्यक्ष थे। ईडी के अनुमान के अनुसार, राज्य भर में फैले कई शहरी नागरिक निकाय, जो वहां भर्ती अनियमितताओं के कारण केंद्रीय एजेंसी की जांच के दायरे में हैं, उनमें से अधिकतम उत्तर 24 परगना जिले से हैं।
घोष ने छापेमारी और तलाशी अभियान के समय पर सवाल उठाया है। छापेमारी तब की गई है जब मंगलवार शाम दिल्ली स्थित कृषि भवन में पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों पर कार्रवाई को लेकर दिल्ली पुलिस के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध जताने के लिए तृणमूल कांग्रेस ने कोलकाता में ‘राजभवन तक मार्च’ आंदोलन की घोषणा की है।
उन्होंने कहा, “ईडी की छापेमारी पश्चिम बंगाल में एक आम बात बन गई है। हालाँकि, ऐसे छापे और तलाशी अभियानों के नतीजे आम तौर पर शून्य होते हैं, लेकिन इससे हमारे ‘राजभवन तक मार्च’ कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।” ईडी द्वारा हासिल किए गए आपत्तिजनक दस्तावेजों में उत्तर 24 परगना जिले में मध्यमग्राम नगर पालिका के अध्यक्ष के उनके कार्यकाल के दौरान घोष की संलिप्तता पाये जाने के बाद उनका नाम इस मामले से जुड़ गया था।
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