बुधवार। उत्तर भारत (North India) सहित पहाड़ी राज्यों में कुदरत ने अपना क्रोधित रूप दिखाया है। भारी बारिश के चलते उफनती नदियां अपने तटबंध तोडक़र घरों में प्रवेश कर गई हैं। विशेषकर पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के चलते सैकड़ों लोगों की जान गई है। हिमाचलप्रदेश (Himachal Pradeh) में अब तक 85 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, वहीं उत्तराखंड में दो दिन में 35 लोगों की मौत हो गई। यहां भारी बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है। उधर, पंजाब में 8 और हरियाणा में 7 लोगों के मरने का समाचार है। उत्तरप्रदेश और बिहार में भी बारिश व बिजली गिरने की घटनाओं में 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। दिल्ली में यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यह शाम तक खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाएगा। [relpsot]
दिल्ली खतरे में, यमुना पहुंची घरों तक
हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। उधर यमुना के निकट बाजारों और घरों में पानी घुस गया। सुबह यमुना के लोहे के पुल पर वाटर लेवल 207.25 मीटर दर्ज किया गया। यमुना के निकट रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। उधर हिमाचलप्रदेश में आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अब तक हुई बारिश ने राज्य को बुरी तरह तबाह कर दिया है। यहां 400 से अधिक छोटे-बड़े घर नष्ट हो गए, वहीं 80 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 3 दिनों से बादल फटने की घटना के कारण उफनती नदियों की चपेट में आकर 29 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। उधर उत्तरप्रदेश में भी भारी बारिश के चलते पश्चिमी हिस्सा पूरी तरह जलमग्न हो गया।
चार राज्यों में सभी शैक्षणिक संस्थाएं बंद
हिमाचलप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा में हो रही जबरदस्त बारिश के चलते यहां के वर्षा प्रभावित इलाकों में सभी शैक्षणिक संस्थाएं बंद कर दी गई हैं।
व्यास नदी में समाए कई ट्रक
हिमाचलप्रदेश की क्रोधित व्यास नदी ने यहां भारी तबाही मचा दी है। कुल्लू में उफनती नदी ने ट्रक यूनियन के दफ्तर के बाहर पार्किंग में खड़े कई ट्रक व अन्य वाहनों को भी चपेट में ले लिया।
चारधाम पर असर…. सभी धार्मिक यात्राएं रोकीं…
बिगड़ता मौसम आस्था पर भारी पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन के बाद अमरनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा को रोक दिया गया है। यहां हजारों लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें बचाने के लिए सेना की मदद ली जा रही है।
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