वाशिंगटन (washington) । अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (US President Joe Biden) और प्रथम महिला जिल बाइडेन (Jill Biden) के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) 22 जून को अमेरिका (America) जाने वाले हैं। इससे पहले व्हाइट हाउस ने सोमवार को भारत के बारे में एक बयान जारी किया। भारतीय लोकतंत्र (Indian democracy) पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब देते हुए अमेरिका ने कहा कि पीएम मोदी के शासनकाल में भारत में एक जीवंत लोकतंत्र है और अगर किसी को भी इस पर शक है तो वो नई दिल्ली जाकर खुद इसे देख सकता है। व्हाइट हाउस ने भारत में लोकतंत्र की चिंताओं को खारिज कर दिया।
व्हाइट हाउस का बयान ऐसे वक्त में आया है जब राहुल गांधी अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में मोदी सरकार पर बरस रहे हैं। इस बीच व्हाइट हाउस के प्रमुख जॉन किर्बी ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में सवाल के जवाब में कहा, “पीएम मोदी के शासनकाल में भारत में एक जीवंत लोकतंत्र है। कोई भी, जिसे इस बात का शक है, वो नई दिल्ली जाकर इसे अपनी आंखों से देख सकता है। और निश्चित रूप से, मैं उम्मीद करता हूं कि लोकतांत्रिक संस्थानों की ताकत और स्वास्थ्य चर्चा का हिस्सा होगा।”
प्रधान मंत्री मोदी इस महीने के अंत में अमेरिका की राजकीय यात्रा पर होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिल बिडेन आधिकारिक राजकीय यात्रा के लिए प्रधान मंत्री मोदी की मेजबानी करेंगे। 22 जून, 2023 को पीएम मोदी का बाइडेन संग राजकीय रात्रिभोज भी शामिल है।
राजकीय रात्रिभोज के निमंत्रण के पीछे के कारण के बारे में पूछे जाने पर, किर्बी ने कहा कि भारत कई स्तरों पर संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक मजबूत भागीदार है। उन्होंने कहा, “आपने देखा कि शांगरी-ला सचिव (रक्षा, लॉयड) ऑस्टिन ने अब कुछ अतिरिक्त रक्षा सहयोग की घोषणा की है जिसे हम भारत के साथ आगे बढ़ाने जा रहे हैं। बेशक, हमारे दोनों देशों के बीच बहुत अधिक आर्थिक व्यापार है। भारत एक पैसिफिक क्वाड के सदस्य और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा के संबंध में एक प्रमुख मित्र और भागीदार हैं।”
पीएम मोदी पर बरस रहे राहुल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कल अमेरिका में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र दो अलग-अलग विचारधाराओं में बंटा हुआ है। कहा, “भारत में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई है, एक जिसका हम (कांग्रेस) प्रतिनिधित्व करते हैं और दूसरा जो भाजपा-आरएसएस की विचारधारा है। सबसे बताने का आसान तरीका यह है कि एक तरफ महात्मा गांधी हैं और दूसरी तरफ नाथूराम गोडसे हैं।” अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और भीमराव आंबेडकर सभी एनआरआई थे। उन्होंने रेल हादसे पर भाजपा पर अंग्रेजों वाला तंज भी कसा। कहा कि जब हमारे समय में रेल हादसे होते थे तो हमने कभी अंग्रेजों पर दोष नहीं मढ़ा लेकिन, भाजपा-आरएसएस वाले कहते हैं कि 50 साल पहले कांग्रेस ने ऐसा किया था, इसलिए ऐसा हुआ।
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