भोपाल (Bhopal)। सायबर क्राइम (cyber crime) के खतरे के देखते हुए बीएसएनएल (BSNL)ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सवा तीन लाख से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन काट दिया है. इसके साथ ही नकली या जाली दस्तावेजों पर जारी किए गए संदिग्ध सिम की बिक्री में संलग्न पाए गए पॉइंट ऑफ सेल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
पीआईबी द्वारा जारी सूचना के मुताबिक दूरसंचार विभाग (DoT) मध्य प्रदेश, ने नकली और जाली दस्तावेजों पर सबस्क्राइब किए गए 3.37 लाख से अधिक मोबाइल कनेक्शन्स को काट दिया है. दूरसंचार विभाग भारत सरकार ने साइबर क्राइम के खतरे को रोकने के लिए नकली या जाली अप्रमाणिक मोबाइल कनेक्शनों का विश्लेषण करने, पहचानने और उन्हें समूल नष्ट करने के लिए एक अभिनव देशी नेक्स्ट जेनरेशन तकनीक एएसटीआर (Artificial Intelligence and facial recognition powered Solution for Telecom Sim) को तैयार किया है.
क्या है एएसटीआर तकनीक
इस एएसटीआर तकनीक ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) राज्य में जाली गतिविधियों में संलग्न 3.37 लाख संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनस को पहचाना और चिन्हित किया है. दूरसंचार विभाग मध्य प्रदेश ने सबसे पहले इन कनेक्शनस का विश्लेषण किया. इसके बाद सभी जाली कनेक्शनस काटने के निर्देश दिए. विभाग ने एएसटीआर विश्लेषण को टीएसपी के साथ साझा किया है. दूरसंचार विभाग ने नकली या जाली दस्तावेजों पर जारी किए गए संदिग्ध सिम की बिक्री में संलग्न पाए गए पॉइंट ऑफ सेल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं.
अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए संदिग्ध नंबरों और पॉइंट ऑफ सेल के बारे में जानकारी मध्य प्रदेश के साइबर क्राइम शाखा के साथ भी साझा की गई है. विभाग का कहना है कि यह कदम मध्य प्रदेश में साइबर क्राइम सहित विविध अवैध गतिविधियों में नकली या जाली अप्रमाणिक मोबाइल कनेक्शन के उपयोग को रोकेगा.
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