माफ की गई राशि को हटाने सॉफ्टवेयर में हो रहा बदलाव
इंदौर। अप्रैल महीने में आपके घर पहुंचने वाला बिजली का बिल 1 से डेढ़ सप्ताह देरी से आएगा। बिजली बिल में कोरोना काल की राशि समायोजन के लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव किया गया है। इस कारण 1 सप्ताह से ज्यादा बिलों की छपाई का काम बंद रखना पड़ा। इंदौर बिजली कंपनी क्षेत्र में तकरीबन 40 लाख उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली बिल घर-घर पहुंचते हैं। बिलिंग साइकिल के अनुसार वितरण और प्रिंटिंग सतत जारी रहता है। राज्य सरकार की ओर से कोरोना कॉल के दौरान बिजली बिलों में 23 लाख उपभोक्ताओं को योजना में शामिल किया गया है। इस राशि का समायोजन करने के लिए बिजली कंपनी को अपने सॉफ्टवेयर में बदलाव करना पड़ा है। इस कारण अप्रैल महीने में बिल वितरण साइकिल में देरी हो रही है। 1 सप्ताह बीत चुका है और अभी इतना ही समय बिलों की छपाई के बाद वितरण शुरू में और लग सकता है। कुल मिलाकर इस बार जिन उपभोक्ताओं के महीने के शुरुआती डेढ़ सप्ताह में बिजली बिल घर पहुंचता था, वह अब 1 सप्ताह की देरी से पहुंचेगा।
व्हाट्सएप या मेल पर एक साथ होंगे जारी
अप्रैल महीने में बिल का वितरण तो देर से होगा, लेकिन उपभोक्ताओं को दिक्कत ना हो, इसके लिए व्हाट्सएप मैसेज और मेल पर एक साथ ई बिल जारी करने का दावा कंपनी की ओर से किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को बिल जमा करने का पर्याप्त समय मिल सके।
अमला सीमित, काम ज्यादा
बिजली कंपनी के पास सीमित कर्मचारी काम कर रहे हैं। हर महीने हर वितरण केंद्र पर 15 से 25000 उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग लेना होती है। उन्हें बिल वितरित भी करना होता है। अब कंपनी को बिजली माफी योजना के अंतर्गत शिविर लगाकर उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र भी देना है और इसके लिए भी 2 से 3 दिन का समय दिया गया है। कुल मिलाकर बिजली कंपनी का निचला अमला 40 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं से हर महीने जूझता रहता है और लगातार नियमित कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में कंपनी आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे ही है।
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