- तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर कायम रहेगा राधास्वामी सत्संग सेंटर… 141 को ही भेजना पड़ा अस्पताल
इंदौर। कोरोना (corona )संक्रमण (infection) अब लगभग समाप्ति की ओर है, हालांकि जिस तरह बाजारों में भीड़ दिख रही है उससे अंदेशा है कि थोड़े दिनों बाद फिर संक्रमण (infection) बढऩे लगेगा। इधर राधास्वामी सत्संग परिसर स्थित मां अहिल्या कोविड केयर सेंटर (covid care center) पर भी 40-50 मरीज ही भर्ती हैं और अभी तक जितने मरीज यहां भर्ती हुए उनमें से 94 फीसदी से ज्यादा स्वस्थ होकर घर लौट गए। सिर्फ 141 मरीजों को ही सेंटर से अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ा। फिलहाल यह सेंटर कायम रहेगा, क्योंकि तीसरी लहर का भी अंदेशा कोरोना विशेषज्ञों द्वारा बताया जा रहा है।
अप्रैल के महीने में जब कोरोना की दूसरी लहर पीक पर थी, तब इंदौर के किसी भी अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन, इंजेक्शन उपलब्ध नहीं थे और लोगों को घर पर ही इलाज करवाना पड़ा, जिसके चलते बड़ी संख्या में मौतें भी हुई। तब ताबड़तोड़ कलेक्टर मनीष सिंह ने कोविड केयर सेंटर का निर्माण शुरू करवाया और राधास्वामी सत्संग परिसर में 20 दिनों के भीतर ही यह सेंटर शुरू कर दिया गया, जहां पर पहले 600 और फिर दूसरे चरण में भी इतने ही बेड यानी लगभग 1200 बेड की व्यवस्था की गई। इस कोविड केयर सेंटर की व्यवस्थाओं से जुड़े राज्य आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे के मुताबिक 12 जून तक ही लगभग 3200 मरीजों को यहां भर्ती किया गया और खुशनुमा माहौल में 94 फीसदी से ज्यादा मरीज स्वस्थ भी होकर घर लौट गए। नाश्ता, चाय, दोनों समय भोजन के अलावा यहां मरीजों को योग, प्राणायाम से लेकर कई तरह की गतिविधियां भी कराई जाती थी और मरीजों ने भी कहा कि घर से अच्छा स्वस्थ और साफ-सुथरा माहौल उन्हें मिला, जिसके चलते वे जल्द ही कोरोना संक्रमण से निजात पाकर स्वस्थ हो गए। डॉ. खरे के मुताबिक सिर्फ 141 मरीजों को ही हॉस्पिटल में शिफ्ट करना पड़ा।