बनासकांठा। गुजरात के बनासकांठा (Banaskantha in Gujarat) में पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग (fire in firecracker factory) हादसे में 21 श्रमिकों की मौत हो गई है। हादसे में मृतक श्रमिकों में सभी मध्य प्रदेश के मजदूर बताए जा रहे है। इसमें हरदा जिले के हंडिया के रहने वाले 8 और 6 देवास के मजूदरों की पहचान हुई है। मृतकों में बाकी 7 लोगों की अभी पहचान होना बाकी है। हरदा जिला प्रशासन ने एडीएम के नेतृत्व में एक टीम गठित की है। इसके लिए प्रशासन और पुलिस की एक टीम को हरदा से बनासकांठा रवाना कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से मध्यप्रदेश निवासी श्रमिकों के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का गुजरात सरकार से घटना के संबंध में लगातार संपर्क बना हुआ है। श्रमिकों की सहायता और परिवारों की मदद के लिए सभी आवश्यक प्रयास होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से असमय दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। जानकारी के अनुसार हादसे वाली जगह सिर्फ भंडारण की अनुमति थी, लेकिन उसकी आड़ में गोदाम की जगह पटाखा फैक्ट्री चलाई जा रही थी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट को दुखद बताते हुए गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस घटना में मध्य प्रदेश के कई मजदूर शामिल थे, जो दो दिन पहले ही रोजगार की तलाश में वहां पहुंचे थे और पटाखे बनाने का काम कर रहे थे। उमंग सिंघार ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि रोज रोजगार का दावा करने वाली सरकार इतनी अक्षम हो चुकी है कि मजदूरों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है, जहां उन्हें अपनी जान तक गंवानी पड़ती है।
उन्होंने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की और लापरवाही के दोषियों को सजा दिलाने की आवश्यकता जताई। सिंघार ने पीड़ित परिवारों को मध्य प्रदेश सरकार से समुचित मुआवजा देने की मांग की और घायलों के शीघ्र इलाज की अपील की। अंत में उन्होंने ईश्वर से मृतकों की आत्मा को शांति और उनके परिवारों को इस गहरे आघात को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की, साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
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