इंदौर। गंभीर बीमारी के चलते जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष करने वाले मरीज और उनके परिजन किडनी और लिवर दान करने वाले दानदाताओं के इंतजार में एक- एक दिन गिन-गिनकर गुजार रहे हैं। महात्मा गांधी मेडिकल कॉलज ऑर्गन डोनेशन सोसायटी इंदौर के अनुसार अंगदान की प्रतीक्षा में 180 मरीज सूची में शामिल हंै। इनमें 156 मरीजो ं को किडनी और 24 मरीजों को लिवर दान करने वाले दानदाताओं का इंतजार है।
अंगदान की कतार में प्रतीक्षारत मरीज और उनके परिजनों का कहना है कि भले ही जीवन सिर्फ भगवान ही दे सकते हैं, मगर अंगदान के जरिए जो किसी को नया जीवन दान करते हैं उनके लिए वह भी भगवान से कम नहीं हैं। महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज ऑर्गन डोनेशन सोसायटी इंदौर के अनुसार अंगदान की प्रतीक्षा में 180 मरीज सूची में शामिल हैं। मरीजों को नियम अनुसार कतारबद्ध तरीके से ऑर्गन डोनेट, यानी अंगदान किए जाते हैं। मरीजों को अंगदान 2 तरीके से होते है। पहला तरीका यह कि अंगदान के इंतजार में मरीज का खून से संबंधी कोई परिजन भी जीते-जी अंगदान कर सकता है। दूसरा यह कि ब्रेनडेड घोषित मरीज, यानी मृतक के परिजन की सहमति से अंगदान किया जा सकता है।
साल 2015 में बना था पहला ग्रीन कॉरिडोर
साल 2015 में पहली बार खरगोन जिले के ब्रेनडेड व्यक्ति के अंगों को जरूरतमंद मरीजों के अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। तब से अब तक शहर में 59 बार ग्रीन कॉरिडोर बन चुके हैं। कई बार ऐसा भी हुआ है कि आखिरी वक्त में किसी न किसी पारिवारिक या मेडिकल तकनीकी की परेशानी के चलते प्रशासन को बनते-बनते ग्रीन कॉरिडोर निरस्त करना पड़े हैं।
अंगदान में 6 काउंसलरों की भूमिका अहम
ब्रेनडेड मरीज के शोकाकुल परिजनों को गमगीन माहौल में अंगदान के लिए मनाने में ऑर्गन डोनेशन सोसायटी से जुड़े काउंसलर की अहम भूमिका होती है। साल 2015 से अभी तक शहर में अंगदान के मामले में जिन काउंसलरों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है उनमें मुस्कान संस्था के सदस्य जीतू बगानी, संदीपन आर्य, राजेंद्र मखीजा, लकी खत्री सहित हरपाल सीतलानी और डॉ. रेणु जयसिंघानी शामिल हैं।
ऑर्गन डोनेशन सोसायटी, जिला प्रशासन और मेडिकल कॉलेज के नेतृत्व में साल 2015 से अभी तक 59 ब्रेनडेड मृतक के किए गए लिवर, किडनी अंगदान से मौत से जूझते 200 से ज्यादा गंभीर मरीजों को नया जीवनदान मिला है। इसमे ं ब्रेनडेड मृतक के परिजनों की सहमति , संभागायुक्त, मेडिकल कॉलेज डीन, डाक्टर्स और पुलिस प्रशासन में हमेशा अहम भूमिका रही है। जीतू बगानी, काउंसलर, ऑर्गन डोनेशन सोसायटी, इंदौर।
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